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Ration Card e-KYC: राशन कार्डधारियों के लिए आखिरी मौका! ई-KYC नहीं तो राशन पर संकट

ई-केवाईसी लाभुकों के पहचान की एक तकनीकी प्रक्रिया है

पटना। सही लाभुकों तक राशन पहुंचे इसके लिए सरकार तत्परता से काम कर रही है। इसी कड़ी में बिहार सरकार का खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग 17 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सभी राशनकार्ड धारियों के लिए विशेष कैंप लगाकर आधार सीडिंग (ई-केवाईसी) करा रहा है। राशन के लिए अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन पाने वाले सभी लाभुकों को 30 दिसंबर से पहले आधार सीडिंग (ई-केवाईसी) कराना जरुरी है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

देश में कहीं से भी करा सकते है ई-केवाईसी

राज्य के वैसे राशन कार्डधारी जो आजीविका या अन्य कारणों से राज्य से बाहर निवास कर रहें हैं, उन्हें लौटने की जरुरत नहीं है, क्योंकि राशन कार्डधारियों के लिए ई-केवाईसी करने की सुविधा अब पूरे देश में उपलब्ध है। वर्तमान में वे अपने निवास स्थान पर ही अपने निकटतम उचित मूल्य की दुकान या जनवितरण प्रणाली की दुकान पर ई-केवाईसी करा सकते हैं।

30 दिसंबर तक है अंतिम मौका

भारत सरकार ने संदिग्ध राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डाटा साझा कर इसके सत्यापन का निदेश दिया है। इसपर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध संदिग्ध राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली डाटा का भौतिक सत्यापन कराकर त्वरित निराकरण करने के लिए कहा है। इसके लिए 17 से 30 दिसंबर 2025 तक विशेष कैम्प लगाया गया है।

ई-केवाईसी लाभुकों की पहचान की तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें लाभुकों के बायोमेट्रिक ऑकड़ों जैसे हाथ की उंगलियां या आईरिस के माध्यम से उनकी पहचान आधार में मौजूद ऑकड़ों से सत्यापित की जाती है। अधिक जानकारी के लिए अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी / जिला आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी के संबंध में किसी भी शिकायत/सुझाव के लिए विभागीय टॉल फ्री नंबर-1800-3456-194 पर संपर्क किया जा सकता है।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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