Sonpur Mela: शौक नहीं, इश्क है ये… सोनपुर मेला में डॉक्टर और ‘जांबाज’ की अनोखी जोड़ी पर मुग्ध लोग
‘जांबाज’ और ‘शेर सिंह’ बने आकर्षण का केंद्र

छपरा। एशिया के सबसे पुराने और प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला में इस बार भी परंपरा, रोमांच और पशुप्रेम का शानदार संगम देखने को मिल रहा है। भीड़, शोर और उत्साह के बीच इस मेला की असली पहचान वे लोग बन रहे हैं, जिनका जुनून न उम्र की परवाह करता है और न पेशे की सीमाओं को मानता है।
सुपरस्टार घोड़ा ‘जांबाज’
इस बार घोड़ा बाजार का सबसे बड़ा आकर्षण बने हैं सीतामढ़ी के परिहार निवासी सर्जन डॉक्टर जितेंद्र कुमार यादव और उनका सुपरस्टार घोड़ा ‘जांबाज’। मारवाड़ी और सिंधी नस्ल का यह 172 सेंटीमीटर ऊंचा घोड़ा जैसे ही अपनी चाल में दौड़ता है, पूरा मैदान तालियों और मोबाइल कैमरों की फ्लैश में जगमगा उठता है। ‘जांबाज’ की कद-काठी और रफ्तार ने उसे पूरे मेला का शोस्टॉपर बना दिया है।
डॉ. जितेंद्र न केवल घोड़े बल्कि अपने साथ विदेशी नस्लों के कई दुर्लभ कुत्ते भी लेकर पहुंचे हैं — सिंधी नस्ल की कोबरा, पाकिस्तानी बुली और तिब्बती मास्टिफ उनमें शामिल हैं। उनका कहना है,
“ऑपरेशन थिएटर में मरीज को बचाने का जो सुकून मिलता है, वही सुकून मुझे अपने इन जानवरों के बीच महसूस होता है। ये मेरे लिए शौक नहीं, परिवार हैं।”
वे पिछले 13 वर्षों से अपने निजी खर्च पर सोनपुर मेला में भाग ले रहे हैं। उनके मुताबिक, यह मेला अब केवल व्यापार का मंच नहीं बल्कि भावनाओं, जुड़ाव और संस्कृति का प्रतीक बन गया है।
हालांकि वे यह भी स्वीकार करते हैं कि अब पशुप्रेमियों के लिए मेला में पर्याप्त व्यवस्था और सम्मान नहीं है, फिर भी दिल का लगाव हर साल उन्हें यहां खींच लाता है।
इसी तरह, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के ज्वालागंज निवासी असगर भाई का घोड़ा ‘शेर सिंह’ भी घोड़ा बाजार में लोगों का ध्यान खींच रहा है। करीब ढाई लाख रुपये कीमत वाले ‘शेर सिंह’ की शानदार बनावट, ऊंचाई और तेज चाल ने उसे भीड़ का केंद्र बना दिया है। असगर भाई कहते हैं, “हमारे लिए सोनपुर मेला सिर्फ खरीद-बिक्री नहीं, बल्कि जुनून और शौक का मंच है।”
हर घोड़े के साथ एक कहानी
सचमुच, इस बार का सोनपुर मेला यह साबित कर रहा है कि यहां हर घोड़े के साथ एक कहानी जुड़ी है और हर पशुप्रेमी के साथ एक भावना। गंगा-गंडक के संगम पर सजा यह मेला न सिर्फ बिहार की पहचान है, बल्कि लोक संस्कृति, परंपरा और इंसान-पशु के रिश्ते की सबसे खूबसूरत मिसाल भी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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