Adopted Child: अमेरिका की निसंतान माँ के जीवन में गूंजी किलकारी, सारण की बालिका को लिया गोद
जिलाधिकारी ने पूर्ण कराई दत्तकग्रहण की प्रक्रिया

छपरा। निसंतान दंपत्ति के जीवन में बच्चे की किलकारी सबसे बड़ी सुख होती है। यह सुख जब किसी आकांक्षा से भरे दंपत्ति को मिलता है, तो उनका जीवन संपूर्ण हो उठता है। सारण जिला प्रशासन की पहल से ऐसे ही एक दंपत्ति के लिए खुशियों से भर गया।
सारण के जिलाधिकारी अमन समीर ने अपने कार्यालय कक्ष में एक बालिका को दत्तकग्रहण की अंतिम प्रक्रिया पूरी कराते हुए अमेरिका से आए एकल दंपत्ति को सुपुर्द किया। जैसे ही बच्ची नए घर की गोद में गई, दंपत्ति का चेहरा खुशी से खिल उठा। भावनाओं से भरे इस पल में उन्होंने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को धन्यवाद दिया।
प्रक्रिया और संस्थान की भूमिका
बालिका का दत्तकग्रहण समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई, सारण द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के माध्यम से किया गया। इस संस्थान में चिल्ड्रेन इन नीड ऑफ केयर एंड प्रोटेक्शन श्रेणी के बच्चों को सुरक्षित माहौल और सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ रखा जाता है। यहीं से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर योग्य अभिभावकों को बच्चे सौंपे जाते हैं।
इस अवसर पर सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संरक्षण पदाधिकारी, समन्वयक और संस्थान के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बच्चा गोद लेने के नियम
बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और सुव्यवस्थित है।
- शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ दंपत्ति, जिन्होंने कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन व्यतीत किया हो, दत्तकग्रहण के लिए पात्र होते हैं।
- दोनों पति-पत्नी की आपसी सहमति जरूरी है।
- उम्र के आधार पर अभिभावकों को उपयुक्त आयु वर्ग के बच्चे ही गोद दिए जाते हैं।
- एकल पुरुष केवल लड़का गोद ले सकते हैं, जबकि एकल महिला लड़का और लड़की दोनों को गोद लेने के लिए पात्र हैं।
- जिन दंपत्तियों के पहले से दो बच्चे हैं, वे केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को ही गोद ले सकते हैं।
- बच्चा गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की आधिकारिक वेबसाइट carings.wcd.gov.in पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
- देश में किसी अन्य माध्यम से बच्चा गोद लेना या देना कानूनी अपराध है।
इस दत्तकग्रहण के साथ बच्ची को नया परिवार मिला और एकल दंपत्ति को मातृत्व-पितृत्व का सुख। निसंतान दंपत्ति के जीवन में यह पल हमेशा संजोए रखने योग्य बन गया। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि कानूनी और संस्थागत प्रक्रिया से ही बच्चों को सुरक्षित भविष्य और परिवार का प्यार मिल सकता है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
करियर – शिक्षाApril 12, 2026छपरा में किसान का बेटा ने रचा इतिहास, डिप्टी जेलर से बने नायब तहसीलदार
क्राइमApril 12, 2026सारण पुलिस ने अपराध की साजिश रच रहे 4 अपराधियों को दबोचा, 41 जिंदा कारतूस बरामद
क्राइमApril 12, 2026जेडीयू MLA पप्पू पांडेय और उनके भाई पर गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट से वारंट जारी
करियर – शिक्षाApril 12, 2026छपरा के अभिषेक ने रचा इतिहास: हवलदार से इनकम टैक्स विभाग में ऑफिस सुपरिटेंडेंट बने







