अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध

• अस्पतालों में गुणात्मक सुधार एवं सुदृढ़ीकरण पर किया जा रहा है विशेष फोकस
• ओपीडी में निबंधन काउंटर पर मरीजों की मदद करेंगी जीविका दीदी
छपरा,12 दिसंबर । जिले में सदर अस्पताल समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में लगातार सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के निर्देश के आलोक में सरकारी अस्पतालों में बुनियादी आधारभूत संरचना (बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुधारा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पत्र जारी कर सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि मे आई हेल्प यू डेस्क की स्थापना की जाएगी। यहां पर वैसे कर्मी को मुस्तैद किया जाएगा जिन्हें हिंदी या स्थानीय भाषा का ज्ञान हो।
ओपीडी के निबंधन काउंटर पर मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पर की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जीविका दीदी के माध्यम से मरीजों को मदद की जाएगी । ओपीडी में मरीजों की अनुमानित औसत संख्या के हिसाब से बैठने की समुचित व्यवस्था, टेलीविजन, पंखा और जरूरत के अनुसार स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अब मरीजों को मिलेगी 5 दिनों की दवा :
पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि ओपीडी में बाह्य मरीजों को 3 दिन की जगह पर 5 दिनों की दवा उपलब्ध कराई जाएगी। मधुमेह और उच्च रक्तचाप तथा अन्य समान्य अस्थाई बीमारियों के मरीजों को 30 दिनों की दवा दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को आईएफ एवं कैल्सियम की पूरी खुराक की दवाई एक मुफ्त देने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। ब्लड बैंक में रक्त अधि कोष की सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। रक्त एवं कंपोनेंट की उपलब्धता की सूचना डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित की जानी सुनिश्चित की जाएगी ।
सुधार के प्रति विभाग संवेदनशील:
पत्र के माध्यम से कहा गया है कि राज्य सरकार अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं में गुणात्मक सुधार के प्रति संवेदनशील है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी सरकारी अस्पतालों में सेवाओं के उच्च स्तरीय गुणवत्ता के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की जाए। इस परिपेक्ष्य में सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं गुणात्मक सुधार के लिए प्रमुख बिंदुओं पर कार्य किया जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण की रोकथाम एवं बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाना आवश्यक है। इसके लिए अस्पताल संक्रमण नियंत्रण समिति का गठन किया जाएगा। संक्रमण नियंत्रण एवं बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित होगी सुविधाओं की जानकारी:
सदर अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों में विभाग के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले बोर्ड लगाया जा रहा है। डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को ओपीडी ड्यूटी की रोस्टर, फार्मेसी में दवा की उपलब्धता, इमरजेंसी सेवा रेफरल एवं इमरजेंसी नंबर डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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