Railway Line Project: सारण के गोल्डनगंज से गोंडा तक 378KM लंबा तीसरी और चौथी रेलवे ट्रैक का होगा निर्माण
16 RUB, 14 बड़े पुल और 93 छोटे पुलों के साथ बदलेगी तस्वीर

छपरा। उत्तर प्रदेश और बिहार को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने वाली भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना “गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन निर्माण” को लेकर समाहरणालय स्थित समाहर्ता कक्ष में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के अभियंताओं एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में प्रस्तावित रेल परियोजना के प्रारंभिक एलाइनमेंट (Alignment), तकनीकी संरचना, भू-अर्जन, पुल निर्माण एवं बाईपास लाइन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इसे पूर्वांचल और बिहार के बीच रेल यातायात को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना बताया।
यूपी-बिहार के सात जिलों को जोड़ेगी रेल परियोजना
बैठक में रेलवे अधिकारियों ने परियोजना का प्रारंभिक खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह रेल परियोजना उत्तर प्रदेश एवं बिहार के कुल 7 जिलों को जोड़ेगी। परियोजना की कुल लंबाई 378.742 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के 5 जिले तथा बिहार के सीवान और सारण जिले शामिल हैं। सारण जिले में प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई लगभग 49 किलोमीटर होगी।
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इस दौरान एनएचएआई, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, लघु सिंचाई विभाग, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, भूमि सुधार उपसमाहर्ता सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना की प्रमुख संरचनाएं
| संरचना | प्रस्तावित संख्या |
|---|---|
| रोड अंडर ब्रिज (RUB) | 16 |
| बड़े पुल | 14 |
| छोटे पुल | 93 |
| रेल ओवर रेल (ROR) | 01 |
एलाइनमेंट के संयुक्त भौतिक सत्यापन का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने परियोजना की गंभीरता और भविष्य की उपयोगिता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा संबंधित तकनीकी विभागों को रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से पूरे प्रस्तावित एलाइनमेंट का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मार्ग में पड़ने वाले आरओबी (ROB) एवं आरयूबी (RUB) के संभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
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चैनवा से गोल्डनगंज तक भू-अर्जन की आवश्यकता
समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि चैनवा से गोल्डनगंज तक मौजूदा रेलवे लाइन के विस्तार के लिए नए सिरे से भू-अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी। साथ ही घनी आबादी एवं तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए कोपा से गोल्डनगंज तक नई बाईपास रेल लाइन बनाने के प्रस्ताव पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों का मानना है कि बाईपास लाइन बनने से भविष्य में रेल परिचालन अधिक सुगम एवं सुरक्षित हो सकेगा।
विभागों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
बैठक में जिला पदाधिकारी ने एनएचएआई, जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, विद्युत विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग के अभियंताओं को रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे करने का निर्देश दिया। सभी विभागों को प्रस्तावित एलाइनमेंट के मार्ग में आने वाली अपनी-अपनी विभागीय संरचनाओं को सूचीबद्ध कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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इस सर्वे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे परियोजना के निर्माण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़कें, बिजली लाइनें, सिंचाई नहरें एवं अन्य सार्वजनिक संरचनाएं प्रभावित न हों। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है ताकि परियोजना पर आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू की जा सके।
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