बिहार

Didi Ki Rasoi: अब सरकारी दफ्तरों के पास खुलेगा “दीदी की रसोई”, सिर्फ ₹20 में मिलेगा भरपेट भोजन

नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, 40 के जगह में 20 रू में मिलेगा खाना

बिहार डेस्क। बिहार सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक और सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दीदी की रसोई’ योजना को व्यापक रूप देने का फैसला लिया गया है। इसके तहत अब राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, अनुमंडल, प्रखंड और अंचल कार्यालय परिसरों में सिर्फ 20 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे पहले यह सेवा राज्य के सरकारी अस्पतालों और कुछ संस्थानों में 40 रुपये प्रति थाली की दर पर दी जा रही थी, लेकिन अब इसे आमजनों के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

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🍛 अब हर जिले में मिलेगा पौष्टिक और सस्ता भोजन

🔹 योजना का नामदीदी की रसोई योजना
नया किराया₹20 प्रति थाली
पूर्व शुल्क₹40 प्रति थाली
संचालन करेगीजीविका समूह (महिला स्वयं सहायता समूह)
जगहजिला, अनुमंडल, प्रखंड और अंचल कार्यालय
लागत भरपाई (सब्सिडी)राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी

इस फैसले के मुख्य उद्देश्य:

  • ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आम नागरिकों को सस्ते दर पर शुद्ध, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना।
  • अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में मौजूद मरीजों, परिजनों और कर्मियों को सुलभ और स्वच्छ भोजन देना।
  • जीविका दीदियों को रोजगार व संचालन की जिम्मेदारी देकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।

क्या मिलेगा थाली में?

हालांकि मेनू स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन सामान्यतः एक थाली में मिलते हैं:

  • चावल
  • दाल
  • सब्ज़ी
  • अचार
  • और कभी-कभी चपाती या खीर भी

सरकार का मानना है…

इस योजना से बाह्य मरीजों, वृद्धजनों, किसानों, सरकारी कार्यों से आने वालों, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। 20 रुपये में पौष्टिक भोजन एक तरह से सरकार की जनहित में बड़ी पहल मानी जा रही है। राज्य सरकार प्रति थाली लगभग ₹20 की क्षतिपूर्ति जीविका समूह को देगी, जिससे भोजन की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो और जीविका समूह का आर्थिक संतुलन बना रहे।

‘दीदी की रसोई’ अब सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर जिले और कार्यालय स्तर तक पहुंचेगी। इससे लाखों लोगों को हर दिन सस्ता, शुद्ध और गरम भोजन मिलेगा और साथ ही जीविका दीदियों को स्थायी रोजगार का भी अवसर प्राप्त होगा।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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