Godana-Semariya Mela: गौतम ऋषि की नगरी में आस्था का सैलाब, आचार संहिता से बंधी रौनक
चुनाव के साये में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व

छपरा। ऋषि-मुनियों की कर्म एवं तपोभूमि कही जाने वाली गौतम नगरी रिविलगंज में हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला ऐतिहासिक गोदना-सेमरिया नहान मेला इस बार कुछ अलग रूप में दिखेगा। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन आसन्न विधानसभा चुनाव को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता की वजह से मेले का पारंपरिक उत्साह इस बार कुछ फीका दिखाई दे रहा है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन बुधवार को पतित पावनी सरयू नदी में होने वाले पवित्र स्नान को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा की विस्तृत व्यवस्था की है। मेले का विधिवत उद्घाटन मंगलवार की संध्या श्रीनाथ बाबा मंदिर परिसर, सेमरिया में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह सदर अनुमंडल पदाधिकारी नितेश कुमार द्वारा किया जाएगा, जो मेला समिति के पदेन अध्यक्ष भी हैं।
जनप्रतिनिधि रहेंगे दूर, मंचीय कार्यक्रम रद्द
चुनावी आचार संहिता के कारण इस वर्ष जनप्रतिनिधियों की मंचीय सहभागिता पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, मंच के माध्यम से होने वाले पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय चुनाव आयोग के निर्देशों के पालन में लिया गया है ताकि मेले का धार्मिक स्वरूप राजनीतिक रंग से पूरी तरह अलग रहे।
सुरक्षा और सुविधा पर जोर
| नगर पंचायत रिविलगंज के ईओ सह मेला सचिव डॉ. किशोर कुणाल ने बताया कि मेले में आने वाले सभी स्नानार्थियों, मेलार्थियों और व्यवसायियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। मेले में सुरक्षा, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधा और पेयजल आपूर्ति के साथ सभी घाटों को सुरक्षित व व्यवस्थित बनाया जा रहा है। |
मेले के मुख्य स्थल श्रीनाथ बाबा मंदिर परिसर में बड़े पैमाने पर पंडाल निर्माण, लाइटिंग, स्वास्थ्य शिविर, नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल आपूर्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नदी तट पर बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, नावों की व्यवस्था, और पुरुष/महिला पुलिस बल व दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है।
सभी घाटों पर विशेष निगरानी
गौतम ऋषि मंदिर घाट, श्मशान घाट, जहाज घाट, खेदारू दास घाट, थाना घाट, करियावा बाबा मंदिर घाट आदि लगभग एक दर्जन स्नान स्थलों पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेले की समाप्ति तक अधिकारी निरंतर निगरानी करेंगे।
स्थानीयों में असंतोष, तैयारी पर उठे सवाल
हालांकि प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने का दावा कर रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार मेले की तैयारी “कागजों तक सीमित” है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि उद्घाटन में चंद घंटे शेष रहने के बावजूद मेला परिसर और आसपास के क्षेत्र में कचरा और बरसाती पानी का जमाव देखने को मिल रहा है। कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि श्रीनाथ बाबा मंदिर और जहाज घाट को छोड़ अधिकांश घाटों पर सजावट और सफाई का कार्य संतोषजनक नहीं है, जिससे लोगों में असंतोष है।
प्रशासन का दावा
प्रशासन ने दोहराया है कि मेले की धार्मिक परंपरा और आस्था को देखते हुए सभी आवश्यक संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था पूरी की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि उद्घाटन से पहले सभी कमियों को दूर कर लिया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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