सारण के हिमांशु ने क्रैक किया UPSC, अब बनेगा IAS अफसर, निजी कंपनी में करता था जॉब

छपरा । मानव जब जोर लगाता है पत्थर भी पानी बन जाता है,कवि रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्ति आज चरितार्थ कर हिमांशु ने दिखाया है।सुधांशु ने यूपीएससी की परीक्षा क्रैक किया है।जिसमे उसे देश में 779 वा रैंक प्राप्त हुआ है। हिमांशु सारण जिले के तरैया प्रखंड के दियारा क्षेत्र स्थित फरीदनपुर गांव निवासी निरशुनारायण सिंह का पौत्र व नंदकिशोर सिंह का पुत्र है।चाचा उदय कुमार सिंह केंदीय विद्यालय गोरखपुर में प्राचार्य है।पिता दिल्ली के एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में ही हुई है। बीटेक और एमबीए की डिग्री भी हासिल कर चुका है। बीटेक कर वह एक कंपनी में एक वर्षो तक इंजिनियर का कार्य किया। लेकिन उसके मन में आईएएस अधिकारी बनने की इक्षा थी,जिसे उसने साकार कर दिखाया है।जिससे गांव में खुशी की लहर है।
जैसे ही हिमांशु की सफलता गांव तक पहुंची, गांव में खुशी की लहर दौर गई है।जनप्रतिनिधि से लेकर ग्रामीण सभी लोग हिमांशु व उसके परिवार को बधाई दे रहे है।
यूपीएससी में सफलता हासिल करने के बाद हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय माता- पिता व फैमली मेंबर सहित गुरुजनों को देते हुए कहा की वह आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहता था।इसलिए वह इंजिनियर बनने के बाद भी अपना परिश्रम जारी रखा और आज सफलता हासिल की है। अब वह अधिकारी बनकर देश की सेवा करेगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 24, 2026क्राइमChhapra News: छपरा सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ यूपी का कैदी
- August 24, 2026करियर – शिक्षाबीपीएससी 70वीं परीक्षा की वायरल हो रही कॉपी पूरी तरह फर्जी : बीपीएससी
- August 22, 2026छपरासारण में जमीन निबंधन की राह होगी आसान! तीन हेल्पडेस्क, फ्लो चार्ट और टीवी स्क्रीन से मिलेगी पूरी जानकारी
- August 21, 2026क्राइमSaran Crime News: सारण में आभूषण व्यवसायी से लूटकांड का खुलासा, पुलिस ने एक बदमाश को दबोचा



