छपरा

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. राहुल राज ने दाखिल किया नामांकन, पांच जिलों से जुटे हजारों समर्थक

सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने की बात

छपरा। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी मैदान में सोमवार को डॉ. राहुल राज ने नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी को मजबूती के साथ सामने रखा। नामांकन से पहले छपरा में आयोजित भव्य सभा में सारण प्रमंडल के पांचों जिलों से शिक्षाविदों, शिक्षकों और समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटी। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद गाजे-बाजे के बीच डॉ. राहुल राज समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना हुए। समर्थकों की भारी मौजूदगी के बीच हुए इस कार्यक्रम को उनके चुनावी अभियान के बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. राहुल राज ने कहा कि वे शिक्षकों की आवाज को मजबूती से विधान परिषद तक पहुंचाने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कई मुद्दे अब भी लंबित हैं। उनका कहना था कि विधान परिषद में पहुंचने के बाद वे शिक्षकों की न्यायसंगत और लंबित मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएंगे तथा उनके अधिकारों के लिए निरंतर आवाज बुलंद करेंगे।

सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने की बात

डॉ. राहुल राज ने कहा कि करीब दो दशकों से शिक्षक कई समस्याओं और मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिलाने, पेंशन से जुड़ी मांग को लागू कराने तथा विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों की समस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाने का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा कि कॉलेज, मदरसा और संस्कृत शिक्षकों के साथ-साथ अन्य वर्गों के शिक्षकों की समस्याओं पर भी गंभीरता से आवाज उठाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों को किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि सभी शिक्षकों को न्याय दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास होना चाहिए।

वित्त रहित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पर जताई चिंता

सभा में डॉ. राहुल राज ने वित्त रहित शिक्षकों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उनके वेतनमान और अन्य अधिकारों से जुड़े मामलों को मजबूती से उठाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षकों को उनका न्यायसंगत वेतनमान नहीं मिल जाता, तब तक वे उनके साथ खड़े रहकर संघर्ष जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि उनके पक्ष में ठोस आवाज उठाने से होगा। इसी उद्देश्य से वे विधान परिषद में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।

अन्य प्रत्याशियों पर किया राजनीतिक कटाक्ष

अपने संबोधन में डॉ. राहुल राज ने चुनावी मैदान में मौजूद अन्य प्रत्याशियों पर भी राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ किसी राजनीतिक दल या चुनाव चिह्न का विषय नहीं है, बल्कि शिक्षक हित और सही प्रतिनिधित्व का चुनाव है। उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग दल के पीछे चल रहे हैं, वहीं उनके साथ शिक्षक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे ऐसे प्रतिनिधि का चयन करें, जो उनकी समस्याओं को मजबूती के साथ सदन में रख सके और उनकी आवाज को विधान परिषद तक पहुंचाने में सक्षम हो।

पांचों जिलों से समर्थन का किया दावा

डॉ. राहुल राज ने कार्यक्रम में पांचों जिलों से मिल रहे समर्थन का उल्लेख करते हुए अपनी जीत के प्रति भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षकों और समर्थकों का जुड़ाव उनके अभियान को लगातार मजबूती दे रहा है। उन्होंने चुनाव में अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने की बात कही।

सभा में विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षाविदों, शिक्षक नेताओं और समर्थकों ने डॉ. राहुल राज के पक्ष में मतदान की अपील की। वक्ताओं ने शिक्षकों के मुद्दों को सदन तक मजबूती से पहुंचाने के लिए सक्षम प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया।

बड़ी संख्या में शिक्षक और समर्थक रहे मौजूद

नामांकन कार्यक्रम में सारण प्रमंडल अध्यक्ष शंकर प्रसाद यादव, तिरहुत प्रमंडल अध्यक्ष श्यामा राव, प्रमंडलीय कोषाध्यक्ष रजनीकांत सिंह, प्रमंडलीय सचिव संतोष सिंह, प्रमंडलीय संरक्षक कैलाश राय, नवलकिशोर सिंह, नजीबुल्लाह खान, विजय गुप्ता, रामेश्वर सिंह, रामजीवन सिंह उर्फ कवि जी, प्रकाश सिंह, नवनीत मिश्रा, अमित शर्मा, खुशनैन अंसारी, शंभू शर्मा, पुनीत रंजन, जूली राबिना, अभय सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और समर्थक मौजूद रहे।

नामांकन के दौरान उमड़ी भीड़ और समर्थकों की सक्रिय भागीदारी से चुनावी अभियान में उत्साह और शक्ति प्रदर्शन का माहौल नजर आया। सभा में जुटे लोगों ने शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने और शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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