
पटना। बिहार सरकार का कृषि विभाग किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में विभाग किसानों के लिए मशरुम उत्पादन कर अपनी आय बढ़ाने का सुनहरा अवसर लेकर आया है। विभाग द्वारा मशरुम उत्पादन के लिए तीन योजनाएं चलाई जा रही है, जिनमें मशरूम किट एवं मशरूम हट, मशरुम उत्पादन/कम्पोस्ट/स्पॉन की योजना और कम लागत / छोटे पैमाने पर मशरुम उत्पादन इकाई की योजना शामिल है। सरकार इन योजनाओं के माध्यम से अनुदान और प्रशिक्षण दे रही है। इसका लाभ लेने के लिए किसानों को 24 दिसंबर तक कृषि विभाग की पोर्टल या बिहार कृषि एप पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
मशरूम किट एवं मशरूम हट (2025-26) किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत किसानों को पैडी /ऑयस्टर मशरूम किट, बटन मशरूम किट, बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही, मशरूम उत्पादन के लिए झोपड़ी निर्माण पर 50 प्रतिशत अनुदान मिल रहा है, जिसकी लागत 1,79,500 रुपए है और किसान को 89,750 रुपए की सहायता दी जाएगी।
विपणन के लिए है अलग योजना
मशरुम उत्पादन/कम्पोस्ट/स्पॉन की योजना राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन और विपणन इकाईयों को बनाने में सहयोग प्रदान करने के लिए है। इससे उत्पाद की गुणवत्ता को सुरक्षित रखकर किसान बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई (निजी एवं सार्वजनिक), मशरुम कम्पोस्ट इकाई (निजी), एवं मशरूम स्पान निर्माण इकाई (निजी) बनाने में मदद के प्रावधान हैं।
एक लाख से शुरु कर सकते हैं खेती
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत कम लागत में भी मशरुम की खेती शुरु करने की योजना चलाई जा रही है। कम लागत या छोटे पैमाने पर मशरुम उत्पादन इकाई योजना 28 जिलों में किसानों के लिए है, जिससे कम लागत वाली मशरूम उत्पादन इकाइयां (2025-26) स्थापित करने में सहायता मिलेगी। प्रत्येक इकाई की लागत 2 लाख रुपए है, जिसमें सरकार 1 लाख रुपए अनुदान देगी। यह इकाई 200 वर्ग फुट में बनाई जाएगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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