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Railway Safety: भारतीय रेलवे ने रचा सुरक्षा का नया इतिहास, 88% कम हुए रेल फ्रैक्चर और दुर्घटनाओं में 73% गिरावट

रेल दुर्घटनाओं में 88% से अधिक की गिरावट

रेलवे डेस्क। पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2004-14 की अवधि में जहाँ 1,711 रेल दुर्घटनाएं (औसतन 171 प्रतिवर्ष) हुईं, वहीं वर्ष 2024-25 में यह घटकर 31 और 2025-26 (जून तक) में केवल 3 रह गई हैं। यह जानकारी देश के रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने संसद में दी है।

दुर्घटनाओं में भारी कमी

प्रति मिलियन रेल किलोमीटर दुर्घटनाएं (APMTKM) 2014-15 में 0.11 से घटकर 2024-25 में 0.03 पर आ गईं, यानी 73% सुधार। रेल फ्रैक्चर 2013-14 के 2,548 मामलों से घटकर 2024-25 में 289 रह गए (88% की कमी)। वेल्ड विफलताएं 2013-14 के 3,699 से घटकर 2024-25 में 370 हो गईं (90% की कमी)।

दुर्घटनाओं के आंकड़े (वर्षवार तुलना)

अवधि / वर्षकुल दुर्घटनाएंप्रति मिलियन रेल किमी दुर्घटनाएं (APMTKM)
2004-14 (कुल)1,711 (औसत 171 प्रतिवर्ष)
2014-151350.11
2024-25310.03
2025-26 (जून तक)3
तकनीकी सुधार2004-142014-25वृद्धि
उच्च गुणवत्ता वाली रेल (60 किग्रा) (किमी)57,4501,43,0002 गुना से अधिक
लंबे रेल पैनल (260 मीटर) (किमी)9,91777,522~8 गुना
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (स्टेशन)8373,6914 गुना से अधिक
फॉग सेफ्टी डिवाइस (संख्या)9025,939288 गुना
मोटे वेब स्विच (संख्या)028,301नई तकनीक
पहल2004-142014-25सुधार
प्राथमिक रेल नवीनीकरण (ट्रैक किमी)32,26049,9411.5 गुना
USFD वेल्ड टेस्ट (संख्या)79.43 लाख2 करोड़2 गुना से अधिक
वेल्ड विफलताएं (संख्या)3,69937090% कमी
रेल फ्रैक्चर (संख्या)2,54828988% कमी
पहल2004-142014-25वृद्धि
नया ट्रैक किलोमीटर जोड़ा गया14,98534,4282 गुना से अधिक
फ्लाईओवर (ROB) / अंडरपास (RUB)4,14813,8083 गुना से अधिक
मानव रहित लेवल क्रॉसिंग (बीजी)8,9480 (जनवरी 2019 तक समाप्त)पूरी तरह समाप्त
LHB कोच निर्माण (संख्या)2,33742,67718 गुना से अधिक

सुरक्षा उपकरण और सिस्टम

  • कवच प्रणाली: जुलाई 2020 से राष्ट्रीय ATP प्रणाली के रूप में अपनाई गई; 1,548 रूट किमी पर लागू, दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा कॉरिडोर में 3,000 रूट किमी पर कार्य जारी।
  • VCD उपकरण: सभी लोको में स्थापित, लोको पायलट की सतर्कता सुनिश्चित।
  • कोहरा सुरक्षा उपकरण (FSD): कोहरे वाले क्षेत्रों में लोको पायलट को GPS आधारित अलर्ट।
  • इंटरलॉकिंग: 6,635 स्टेशनों पर पॉइंट्स और सिग्नल का केंद्रीकृत संचालन।
  • ट्रैक सर्किटिंग: 6,640 स्टेशनों पर पूर्ण ट्रैक सर्किटिंग।

सुरक्षा पर बढ़ा निवेश (₹ करोड़ में)

मद2013-142022-232023-242024-25 (RE)2025-26 (BE)
स्थायी मार्ग रखरखाव9,17218,11520,32221,80023,316
मोटिव पावर और रोलिंग स्टॉक रखरखाव14,79627,08630,86431,54030,666
मशीनों का रखरखाव5,4069,82810,77212,11212,880
सड़क सुरक्षा (ROB/RUB)1,9865,3476,6628,1847,706
ट्रैक नवीनीकरण4,98516,32617,85022,66922,800
ब्रिज वर्क्स3901,0501,9072,1302,169
सिग्नल और टेलीकॉम9052,4563,7516,0066,800
विविध सुरक्षा व कार्यशालाएं1,8237,1199,5239,58110,134
कुल39,46387,3271,01,6511,14,0221,16,470

भीड़ प्रबंधन में उठाए कदम

  • GRP और RPF के साथ समन्वय।
  • संवेदनशील स्थानों पर भीड़ नियंत्रण बल की तैनाती।
  • पैदल पुलों पर स्टाफ की तैनाती, भगदड़ रोकथाम के लिए।
  • इंटेलिजेंस यूनिट और SIB से भीड़ अलर्ट।

भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार, बुनियादी ढांचा विस्तार, उपकरणों का आधुनिकीकरण और बढ़ते निवेश ने मिलकर देश को विश्वस्तरीय रेल सुरक्षा मानकों की ओर अग्रसर किया है। रेल मंत्री के अनुसार, आने वाले वर्षों में “शून्य दुर्घटना लक्ष्य” की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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