Railway Parcel Contract: सोनपुर मंडल को पार्सल अनुबंध से 4.5 करोड़ की कमाई, व्यापारियों का बना भरोसेमंद साथी
पार्सल परिवहन में सोनपुर मंडल की बड़ी उपलब्धि

सोनपुर। पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल ने पार्सल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। मंडल द्वारा हाल ही में संपन्न की गई ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से एसएलआर (सेकंड लगेज रेक) और वीपी (वैन पार्सल) अनुबंधों के सफल आवंटन से मंडल को कुल 4.5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल रेलवे की पार्सल नीति की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि मंडल की रणनीतिक योजना और निजी भागीदारी की दिशा में सार्थक प्रयासों का भी प्रमाण है।
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आरएसएलआर अनुबंध से 2.33 करोड़ की आमदनी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रौशन कुमार ने बताया कि 25 और 29 जुलाई 2025 को आयोजित ई-निविदा प्रक्रिया के तहत गाड़ी संख्या 19038 के आरएसएलआर (रेजर्व सेकंड लगेज रेक) का दो वर्षों के लिए अनुबंधित आवंटन किया गया, जिससे अकेले 2.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस तरह की अनुबंध प्रक्रिया से मंडल को न सिर्फ निश्चित आय का स्रोत मिलता है, बल्कि लंबे समय के लिए निजी भागीदारों को जोड़ने में भी मदद मिलती है।
पार्सल नीति बनी आय का सशक्त माध्यम
सोनपुर मंडल में पार्सल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा पारदर्शी नीति और तकनीकी प्रक्रिया को अपनाया गया है। ई-निविदा प्रणाली ने इसमें बड़ा योगदान दिया है, जिससे भागीदारी करने वाले एजेंटों और उद्यमियों को समान अवसर और प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है। मंडल के अधिकारियों का कहना है कि पार्सल सेक्टर में इस तरह के अनुबंध भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देंगे।
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किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों से अपील
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रौशन कुमार ने कहा कि रेलवे की एसएलआर पार्सल सेवा एक सस्ता, सुरक्षित और समयबद्ध विकल्प है, जिसका लाभ व्यापारी, किसान और लघु उद्यमी उठा सकते हैं। उन्होंने अपील की कि स्थानीय स्तर पर उत्पादकों को अपने सामान की निर्बाध आपूर्ति और देश भर में विपणन के लिए रेलवे पार्सल सेवा का उपयोग करना चाहिए। इससे न केवल उत्पादकों को लाभ होगा, बल्कि रेलवे की आय में भी निरंतर वृद्धि होगी।
भविष्य की योजनाएं
रेलवे प्रशासन का मानना है कि पार्सल परिवहन भविष्य में रेलवे की आय का एक बड़ा स्तंभ बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोनपुर मंडल पार्सल सेवाओं को और अधिक सुलभ, दक्ष और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। आने वाले समय में मंडल की योजना है कि नई गाड़ियों में भी पार्सल अनुबंधों को विस्तारित किया जाए और ई-निविदा प्रक्रिया के दायरे को और व्यापक बनाया जाए।
पूर्व मध्य रेलवे का सोनपुर मंडल पार्सल परिवहन में नवाचार और पारदर्शिता के माध्यम से रेलवे की राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। निजी भागीदारी और तकनीकी प्रक्रिया के सफल प्रयोग ने यह साबित कर दिया है कि रेलवे, पारंपरिक ढर्रे से हटकर अब व्यावसायिक अवसरों के नए क्षितिज तलाश रहा है।
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