
छपरा। सारण जिले के छपरा शहर में अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम देते हुए चर्चित अधिवक्ता डबल मर्डर केस के मुख्य गवाह पंकज कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में उनका छोटा भाई मनीष यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया है।
घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया चौक के समीप हुई। मृतक की पहचान मेथवलिया निवासी रामदेव राय के 31 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात्रि करीब 11 बजे पंकज यादव के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को थाना से बोलने वाला बताते हुए उन्हें तुरंत बाहर आने को कहा। इसके बाद पंकज अपने छोटे भाई मनीष यादव के साथ बाइक से घर से निकले।
बताया जा रहा है कि जब दोनों भाई वापस लौट रहे थे, तभी मेथवलिया चौक के पास पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली पंकज यादव के सिर में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहे उनके छोटे भाई मनीष यादव को भी गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायल मनीष को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया।
2024 के चर्चित अधिवक्ता डबल मर्डर केस के थे गवाह
यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर मानी जा रही है क्योंकि पंकज यादव वर्ष 2024 में मेथवलिया में हुए चर्चित डबल मर्डर केस के अहम गवाह थे। उस मामले में सिविल कोर्ट के अधिवक्ता राम अयोध्या राय और उनके पुत्र सुनील कुमार यादव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पंकज यादव मृतक अधिवक्ता राम अयोध्या राय के भतीजे थे और उसी हत्याकांड में उनकी गवाही आगामी बुधवार को कोर्ट में होनी थी। गवाही से ठीक पहले उनकी हत्या ने इस वारदात को और भी संदिग्ध बना दिया है। पुलिस इस एंगल से भी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है कि कहीं गवाही रोकने के उद्देश्य से तो इस हत्या को अंजाम नहीं दिया गया।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
पंकज यादव अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले से किसी तरह की धमकी की जानकारी नहीं थी। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
मौके पर पहुंचे एसएसपी और एएसपी, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार तथा एएसपी रामपुकार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के निर्देश दिए।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
पुलिस निम्न बिंदुओं पर जांच कर रही है
- क्या हत्या का संबंध अधिवक्ता डबल मर्डर केस की गवाही से है?
- कॉल कर घर से बाहर बुलाने वाला व्यक्ति कौन था?
- अपराधियों ने पहले से रेकी कर वारदात को अंजाम दिया या नहीं?
- घटना में कितने अपराधी शामिल थे और वे किस दिशा में फरार हुए?
- सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान।
इस घटना ने एक बार फिर सारण में कानून-व्यवस्था और गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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