शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के आधार हैं सेक्टर पदाधिकारी: डीएम

छपरा : सेक्टर ऑफिसर का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका दायित्व सबसे पहले शुरु होकर अंत तक रहता है। उक्त बातें जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी ने सेक्टर अधिकारियों पुलिस पदाधिकारियों के शहर के प्रेक्षा गृह में आयोजित प्रशिक्षण में शनिवार को कहीं। उन्होंने कहा कि पीसीसीपी का पद समाप्त होने के बाद सेक्टर पदाधिकारी की भूमिका बढ़ गयी है। आप सीधे चुनाव आयोग के अधीन हैं। इवीएम की सुरक्षा से लेकर टैग बूथों के पोलिंग पार्टी के मतदान केंद्र तक पहुंचने, पोल्ड इवीएम के बाजार समिति में जमा होने और आपको मिले रिज़र्व सी और डी श्रेणी के इवीएम को वेयरहाउस में जमा कराने की आपकी जिम्मेदारी है। चुनाव के पूर्व आपमें ही मजिस्ट्रेट की शक्ति प्राप्त हो जाती है। लॉ ऐंड ऑर्डर का संधारण भी आपके जिम्मे रहता है।
आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि अबतक मतदान केन्द्र तक पहुंच मार्ग, मतदान केन्द्रों का भौतिक सत्यापन, एएमएफ, भेद्यता मानचित्रण और रूट चार्ट निर्माण के साथ आवश्यक कार्रवाइयों के साथ मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट से संबंधित कार्य पूरे कर लिए होंगे। अभ्यर्थिता घोषित होने के बाद भेद्यता मानचित्रण का रिवीजन कर लें। आवश्यकता हो तो उसमें संशोधन करा लें। आपको इवीएम का परिचालन को ठीक ढंग से समझ लेना चाहिए। बूथ पर मॉक पोल से लेकर, सीलिंग, वास्तविक पोल, विभिन्न घोषणा आदि आपकी निगरानी में होने हैं। आपके पास ही रिज़र्व इवीएम होगा। आवश्यकता पड़ने पर मशीन को बदलना और तत्काल उसकी रिपोर्टिंग करना आपकी जवाबदेही है। आपको समय समय पर विभिन्न रिपोर्ट भी कंट्रोल रूम को प्रेषित करना है। आपको मतदान प्रबंधन प्रक्रिया और ईवीएम कार्यप्रणाली, उसके त्रुटि का निराकरण को बारीकी से समझते हुए उसमें दक्षता हासिल होनी चाहिए। स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिए आप प्रथम आधार हैं। जिसका आदेश निकाला जा चुका है। उन्होंने क्या करें और न करें पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन में कहा कि सेक्टर किसी भी घटना या एक्टिविटी के प्रथम रिस्पांडर हैं। इसलिए आपको अपने क्षेत्र का फीड बैक पूरी तरह रहना चाहिए। अपने थानाध्यक्ष से संवेदनशील बूथ और भेद्य क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि चुनाव सर्वाधिक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य है।
इसमें जरा भी कोताही अक्षम्य है। सीधे चुनाव आयोग कार्रवाई करता है। ऐसी सूचना आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। एडीएम पीजीआरओ ने पोस्टल बैलेट से वोटिंग कराने की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसकी जिम्मेवारी भी सेक्टर की है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल ने मह्त्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पुनः 15 मई को आप सभी की अंतिम प्रशिक्षण आयोजित की जाएगी। तब आपके तैयारी की फाइनल समीक्षा की जाएगी। किसी भी कमी पर कार्रवाई तय है। उन्होंने बताया कि उस दिन आपको किट प्रदान किया जाएगा। जिसमें इवीएम, पोलिंग, बूथ आदि के रिपोर्टिंग प्रतिवेदन के फॉर्मेट प्रदान किए जाएंगे। मौके पर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक सेक्टर पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी के मोबाईल में ईएलई ट्रेसेज ऐप डाउनलोड होना अवश्यक है। इससे आयोग समेत जिला आपकी ट्रैकिंग करेगा। चुनाव समाप्ति तक ऐप को ऐक्टिव रखना होगा। उन्होंने ऐप डाउनलोड कराते हुए उसके संचालन का बिन्दुवार प्रशिक्षण दिया। मौके पर उप विकास आयुक्त, सारण के निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायत राज अधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, सभी बीडीओ समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रथम सत्र में सारण और दूसरे सत्र में महाराजगंज लोकसभा सभा का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- September 20, 2026क्राइमChhapra Court: पांच साल जेल में रहने के बाद हत्या केस में बाइज्जत बरी, साक्ष्यों के आधार पर अदालत का फैसला
- September 19, 2026छपराप्राचीन चिकित्सा परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ें, छपरा में आयुर्वेद परिषद की बड़ी मांग
- September 19, 2026Railway Updateरेलवे स्टेशन पर ही होटल जैसी सुविधा, बलिया में 25 बेड वाली स्लीपिंग पॉड-डॉरमेट्री शुरू
- September 19, 2026छपराChhapra News: अब मासूमों की सुरक्षा के साथ भविष्य भी संवरेगा, पढ़ाई-कौशल और स्वास्थ्य पर डीएम का जोर



