
छपरा : सारण प्रमंडल मुख्यालय छपरा में आयोजित भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने भूमि विवाद समाप्त करने के अभियान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुधार और समाधान की इस प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं, लेकिन सरकार ऐसे तत्वों को पनपने नहीं देगी।
लड़ाई लड़ने वालों को प्रशस्ति पत्र
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नई सरकार का गठन हुआ है, तब से इस संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई है और इसका उद्देश्य भूमि विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन को बचाने के लिए लड़ाई लड़ने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पटना, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, गया और दरभंगा में प्राप्त 13 हजार 311 आवेदनों में से 8 हजार से अधिक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने इसे सरकार की गंभीरता का प्रमाण बताते हुए कहा कि भूमि विवाद समाप्त करने के लिए सरकार हर स्तर पर सक्रिय है।
हड़ताल पर चले जाना पूरी तरह संवेदनहीनता का परिचायक
राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब अधिकारियों पर समय पर काम करने का दबाव बढ़ा तो कुछ लोगों ने प्रमोशन और वेतन वृद्धि का बहाना बनाकर काम बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने की एक तय प्रक्रिया होती है और काम के महत्वपूर्ण समय में हड़ताल पर चले जाना पूरी तरह संवेदनहीनता का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र, मार्च जैसे महत्वपूर्ण ईयर इंडिंग महीने, राजस्व महा अभियान के 46 लाख आवेदनों के निष्पादन और 2027 की भारत की जनगणना जैसे अहम कार्यों के बीच काम बंद करना जनता के हितों के साथ अन्याय है। कई अधिकारी सरकार के आग्रह पर वापस काम पर लौटे हैं और ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों की उन्होंने सराहना की।
सभी अंचलों में राजस्व अधिकारियों की तैनाती
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 9 मार्च के बाद भी दाखिल–खारिज के 17 हजार 755, परिमार्जन के 80 हजार 464 और मापी के 8 हजार 450 मामलों का निष्पादन किया गया है। उन्होंने कहा कि काम को और गति देने के लिए 1 अप्रैल से सभी अंचलों में राजस्व अधिकारियों की तैनाती की गई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और हड़ताल के माध्यम से काम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, उनके कार्यों की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है। एक–एक अधिकारी के काम की समीक्षा की जा रही है और जो लोग जनता के हित से अधिक राजनीति में रुचि रखते हैं, उन्हें भविष्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का प्रश्न ही नहीं उठता।
हड़ताल के पीछे किसका दबाव होगी जांच
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की लगातार हड़ताल के पीछे किन लोगों का दबाव है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय समिति से समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो परीक्ष्यमान अधिकारी अब तक काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें सेवा से मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश प्रधान सचिव श्री सीके अनिल को दिया गया है। जो अधिकारी अपील के बाद काम पर लौटे हैं, उनके जिम्मेदारीपूर्ण रवैये और संवेदनशीलता की सराहना की जानी चाहिए।
राजस्व कर्मचारियों की गृह जिले में पदस्थापना की मांग को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि पूर्व अनुभवों के आधार पर विभाग ने सेवा नियमावली में संशोधन कर गृह जिले में पदस्थापना नहीं करने का निर्णय लिया है और जनहित में यह निर्णय जारी रहेगा।
भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि रिश्वत लेते पकड़े गए राजस्व कर्मचारियों की बर्खास्तगी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही काम बाधित न हो, इसके लिए सेवानिवृत्त अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की सेवाएं पुनः लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
भूमि विवाद समाप्त करने का यह अभियान किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिया जाएगा
अपने वक्तव्य में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद समाप्त करने का यह अभियान किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में स्थायी समाधान का संकल्प है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक जमीन का विवाद कई अन्य विवादों को जन्म देता है। इसलिए सरकार का लक्ष्य केवल छोटे–मोटे मामलों का निपटारा करना नहीं, बल्कि बिहार को मुकदमों की जड़ से मुक्त करना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि हर बड़े परिवर्तन के साथ कुछ नकारात्मक शक्तियाँ सक्रिय होती हैं, लेकिन अंततः सत्य और सकारात्मक प्रयासों की ही विजय होती है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि जमीन के विवाद के नाम पर भाई–भाई का खून न बहे और बिहार को विवादों और अराजकता के वातावरण से बाहर निकाला जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में भूमि प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाया जाएगा तथा जनता को अपनी जमीन से जुड़े कार्यों के लिए किसी भी हाल में भटकने नहीं दिया जाएगा।
इससे पहले जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत किया। प्रधान सचिव सीके अनिल ने ऐसे आयोजन की परिकल्पना के माननीय उपमुख्यमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि इससे लगातार पीड़ित लोगों का कल्याण हो रहा है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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