Sonpur Mela: रेलवे के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराएगा सोनपुर मेला
9 नवंबर से शुरू होगा सोनपुर मेला

छपरा। एशिया का प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला इस वर्ष एक नए रूप और रंग में नजर आने वाला है। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्रशासनिक तैयारियां अब पूरी रफ़्तार पकड़ चुकी हैं। आगामी 9 नवंबर को भव्य उद्घाटन के लिए तैयार यह ऐतिहासिक मेला इस बार केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहेगा, बल्कि तकनीकी, शैक्षणिक और नवाचार की दृष्टि से भी विशेष होगा। जिला प्रशासन और रेलवे विभाग ने संयुक्त रूप से मेले को आधुनिक स्वरूप देने का निर्णय लिया है। इस दिशा में रेलवे विभाग की विशेष प्रदर्शनी मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रही है।
रेलवे की प्रदर्शनी — भारत के रेल इतिहास का जीवंत दस्तावेज़
इस वर्ष सोनपुर मेले के मुख्य पंडाल के सामने भारतीय रेल की भव्य प्रदर्शनी लगाई जा रही है। रेलवे अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि यह प्रदर्शनी न केवल मनोरंजक बल्कि ज्ञानवर्धक भी हो।
यह प्रदर्शनी साल 1863 से लेकर वर्तमान समय तक भारतीय रेल के विकास सफर को दर्शाएगी — यानी, आगंतुकों को यह देखने का अवसर मिलेगा कि कैसे भारतीय रेल ने लकड़ी के कोच और भाप इंजनों से निकलकर हाई-स्पीड ट्रेन और अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक तक का सफर तय किया।
प्रदर्शनी में शामिल किए जा रहे विषय:
- सिग्नल एवं रेलवे सुरक्षा प्रणाली
- टिकट जांच और आरक्षण व्यवस्था
- वाणिज्यिक एवं मेडिकल सेवाएं
- यांत्रिक इंजीनियरिंग
- रेलवे अनुशासन और यात्री सुविधाएं
इसके अलावा, बिना टिकट यात्रा के दुष्परिणाम और रेलवे सुरक्षा नियमों को व्यावहारिक और दृश्य रूप में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि लोग इनसे सीख ले सकें।
इतिहास प्रेमियों और बच्चों के लिए खास आकर्षण
रेलवे प्रदर्शनी में इतिहास प्रेमियों और बच्चों के लिए कई रोचक मॉडल लगाए जा रहे हैं।
यहां पुराने समय की कोयले से चलने वाली इंजन, बैलगाड़ी जैसी ट्रेनें और घोड़ों व हाथियों द्वारा संचालित परिवहन साधनों के मॉडल भी देखने को मिलेंगे।
इनके माध्यम से आगंतुक यह समझ सकेंगे कि कैसे भारतीय रेल ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया और तकनीकी प्रगति के साथ समाजिक परिवर्तन भी लाया।
प्रदर्शनी में जुटे कर्मचारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि शिक्षा और प्रेरणा देना है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय रेल की गौरवशाली विरासत और आधुनिक उपलब्धियों से रूबरू हो सके।
रोजगार और व्यापार का केंद्र बनेगा मेला
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार का भी बड़ा माध्यम है। देश के कोने-कोने से आने वाले व्यापारी, कारीगर और पर्यटक स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देते हैं।
इस बार मेले में रिकॉर्ड भीड़ की संभावना जताई जा रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी असुविधा के मेले का आनंद ले सकें।
परंपरा और प्रगति का संगम
कुल मिलाकर, इस बार सोनपुर मेला केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नहीं बल्कि तकनीक, ज्ञान और नवाचार का संगम बनने जा रहा है। रेलवे की प्रदर्शनी इस मेले का प्रमुख आकर्षण केंद्र होगी — जो एक ओर भारतीय परंपरा की विरासत को सहेजेगी और दूसरी ओर देश की तकनीकी प्रगति की झलक दिखाएगी।
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