अब नहीं डूबेगा छपरा शहर! ड्रेनेज सिस्टम सुधारने मैदान में उतरे डीएम
अब लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

छपरा। शहर में जलजमाव और जल निकासी की समस्या को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को छपरा शहर के विभिन्न इलाकों में खनुआ नाला, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम और मौजूदा जल निकासी व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में डीएम सबसे पहले रूपगंज पहुंचे, जहां आईपीएस-1 और समीप स्थित स्लुइस गेट का जायजा लिया। उन्होंने स्लुइस गेट की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने का निर्देश दिया। साथ ही खनुआ नाला के बने हिस्से और आईपीएस-1 के बीच लगभग 50 मीटर के गैप को पाटने के लिए पक्का नाला निर्माण को योजना में शामिल करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आईपीएस और एसटीपी वर्षा ऋतु में भी सुचारू रूप से काम करते रहें, इसके लिए आवश्यकतानुसार जाली/फिल्टर लगाने को कहा गया।
क्षतिग्रस्त स्लुइस गेट के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए
छोटी तेलपा में नाले की समुचित उड़ाही (सफाई) कराने और क्षतिग्रस्त स्लुइस गेट के पुनर्निर्माण के निर्देश दिए गए। तेलपा ग्रिड के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आरसीसी चहारदीवारी निर्माण की निविदा प्रक्रिया जारी है, वहीं पास के पावर सब-स्टेशन के अपलिफ्टमेंट के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।
भिखारी ठाकुर चौक के पास दोनों ओर नाले की गहरी सफाई कराने और सड़क के नीचे के हिस्से की भी आरसीडी से अनापत्ति लेकर सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जटही पोखरा क्षेत्र में जल निकासी संरचना पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अंचलाधिकारी सदर को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
गड़खा ढाला और कारिंगा क्षेत्र में नालों की गहरी उड़ाही कराने के निर्देश दिए गए। कारिंगा में तेल नदी तक नाले की सफाई का कार्य मनरेगा के माध्यम से कराने के लिए उपविकास आयुक्त को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके अलावा 50 बी ढाला के पास रेलवे लाइन के किनारे बने नाले की सफाई कराने और रेलवे कलवर्ट से सीधे जोड़ने के लिए रेलवे के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे छपरा शहर के ड्रेनेज सिस्टम और उससे जुड़े अतिक्रमण की स्थिति का ड्रोन सर्वे कराया गया है। जल्द ही नगर निगम के साथ बैठक कर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी, ताकि शहर को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, कार्यपालक अभियंता (आरसीडी), परियोजना निदेशक (बुडको), अंचलाधिकारी सदर सहित नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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