रामायण सर्किट से जुड़ेगा रिविलगंज का अहिल्या उद्धार स्थल! धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल
डीडीसी लक्ष्मण तिवारी ने किया स्थल निरीक्षण,

छपरा। सारण के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल को अब एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। रिविलगंज प्रखंड स्थित इस पौराणिक स्थल को आवश्यक पर्यटक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ ही इसे रामायण सर्किट से जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की इस पहल से न केवल स्थल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि सारण में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
इसी क्रम में रविवार, 31 अगस्त को उप विकास आयुक्त, सारण लक्ष्मण तिवारी ने गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल का स्थल भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ स्थल की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध भूमि, आधारभूत संरचना और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकसित होंगी बुनियादी व्यवस्थाएं
स्थल भ्रमण के दौरान गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विचार किया गया। प्रस्तावित सुविधाओं में आकर्षक प्रवेश द्वार, परिसर का समतलीकरण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पार्किंग, विश्राम स्थल तथा श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था शामिल है।
इसके अलावा पर्यटकों को स्थल तक पहुंचने में सुविधा हो, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर दिशा-सूचक बोर्ड और पर्यटन से संबंधित सूचना-पट्ट लगाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी धार्मिक स्थल के पर्यटन केंद्र के रूप में विकास के लिए पहुंच मार्ग, सूचना व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।
तैयार होगा विकास का प्रस्ताव और संभावित प्रतिवेदन
डीडीसी ने स्थल पर आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए उपलब्ध भूमि और आधारभूत संरचना का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संभावित विकास कार्यों का प्रस्ताव और विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने को कहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया के लिए ठोस योजना तैयार की जा सके।
इस संबंध में भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर छपरा, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, सारण, अंचल अधिकारी रिविलगंज तथा कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत रिविलगंज को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को स्थल के विकास के लिए आवश्यक भूमि, मौजूदा संरचनाओं और भविष्य में विकसित की जा सकने वाली सुविधाओं का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रामायण सर्किट से जुड़ने पर मिलेगा नया पर्यटन आयाम
गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल का धार्मिक और पौराणिक महत्व रामायण परंपरा से जुड़ा हुआ है। जिला प्रशासन इस ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए स्थल को व्यापक धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रामायण सर्किट से जोड़ने की पहल सफल होने पर सारण के इस स्थल को राज्य और देश के अन्य प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ नई पहचान मिल सकती है। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है।
धार्मिक पहचान के साथ रोजगार को भी मिल सकती है रफ्तार
जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल भौतिक संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि इस स्थल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करते हुए पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए छोटे व्यवसाय, दुकानें, परिवहन, खान-पान और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के अवसर विकसित हो सकते हैं। इससे रिविलगंज और आसपास के क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सारण के धार्मिक पर्यटन को मिल सकती है नई पहचान
सारण जिला ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से कई महत्वपूर्ण स्थलों को अपने भीतर समेटे हुए है। ऐसे में गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल को विकसित करने की पहल जिले के धार्मिक पर्यटन मानचित्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यदि प्रस्तावित सुविधाओं का विकास और रामायण सर्किट से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो गौतम ऋषि आश्रम-अहिल्या उद्धार स्थल आने वाले समय में सारण की धार्मिक पहचान का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। जिला प्रशासन की पहल से अब उम्मीद जगी है कि पौराणिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह स्थल आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ एक नई पहचान हासिल करेगा और सारण को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ेगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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