Pitru Paksha Mela: गयाजी पहुंचते ही नहीं भटकेंगे पिंडदानी, ऐप बताएगा पूजा से पार्किंग और अस्पताल तक का रास्ता
‘पिंडदान गया जी’ ऐप और वेबसाइट से ऑनलाइन पंजीकरण और डिजिटल खोया-पाया की भी सुविधा

Gaya Pitru Paksha Mela: गयाजी और पुनपुन में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज गयाजी में मेले का उद्घाटन करेंगे। देश-विदेश से आने वाले पिंडदानियों की सुविधा के लिए इस बार पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। ‘पिंडदान गया जी’ मोबाइल ऐप और वेबसाइट पिंडदानियों के लिए डिजिटल सहारा बनेगी। इसके माध्यम से पिंडदान की वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों, पंडा, आवासन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी।
ऑनलाइन पंजीकरण से पहले तय कर सकेंगे यात्रा की योजना
‘पिंडदान गया जी’ ऐप और वेबसाइट पर विभिन्न पिंडदान वेदियों, धार्मिक अनुष्ठानों और पंडा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पिंडदानी मेले में पहुंचने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की उपलब्धता, क्षमता और संपर्क की जानकारी भी डिजिटल माध्यम से मिलेगी। इससे श्रद्धालु पहले से आवासन और पिंडदान की व्यवस्था तय कर सकेंगे।
ट्रेन, परिवहन और जरूरी सुविधाओं की जानकारी भी एक जगह
इस ऐप पर रेलवे समय-सारणी, हवाई कनेक्टिविटी और स्थानीय परिवहन की जानकारी उपलब्ध रहेगी। प्रमुख मार्ग, पार्किंग स्थल, प्रीपेड ऑटो-टैक्सी, ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा और बसों के निर्धारित किराये की जानकारी भी मिल सकेगी। शौचालय, पेयजल केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और पुलिस कैंप की लोकेशन भी देखी जा सकेगी। डिजिटल खोया-पाया सुविधा के जरिए लापता व्यक्ति की सूचना दर्ज कराने और जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और हेल्पलाइन के संपर्क भी उपलब्ध रहेंगे।
वृद्ध और दिव्यांगों के लिए 150 निशुल्क ई-रिक्शा
मेले में वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 150 ई-रिक्शा निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। चांद चौरा चौक से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम तक पिंडदानी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। वहीं 2500 बेड की टेंट सिटी के साथ सूचना केंद्र और समर्पित हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षित पर्यटक गाइड भी पिंडदानीयों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम
मेला क्षेत्र में सीसीटीवी, ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी की जाएगी। बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे क्षेत्र को पांच जोन और 54 सेक्टरों में बांटा गया है। स्वच्छता के लिए तीन पालियों में व्यवस्था के साथ पेयजल, प्रकाश, पार्किंग, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटरों पर एआई आधारित गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा से भाषा की बाधा भी दूर की जाएगी।
पुनपुन में 5 हजार क्षमता का पंडाल
पुनपुन में भी पिंडदानियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुनपुन घाट पर 5 हजार क्षमता वाले पंडाल की व्यवस्था की गई है। यहां पिंडदान, पूजा-अनुष्ठान, पेयजल, शौचालय, प्रकाश, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सूचना केंद्र, हेल्पलाइन और गाइड की व्यवस्था के साथ यातायात एवं पार्किंग के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिंडदानियों के लिए पिंडदान पैकेज भी उपलब्ध है, जिसमें परिवहन, पूजा सामग्री, पिंडदान, भोजन और आवासन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
पिंडदान के साथ पर्यटन का भी अवसर
पर्यटन विभाग की ओर से आगंतुकों के लिए बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा के विशेष पैकेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिंडदान पैकेज और ई-पिंडदान की सुविधा भी दी जा रही है। फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन प्रस्तावित है।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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