वुडबाइन स्कूल के छात्र रौशन ने RIMC की कठिन परीक्षा में हासिल की शानदार सफलता
RIMC देहरादून की लिखित परीक्षा में सफलता पाकर रचा इतिहास

छपरा: सारण जिले के प्रतिष्ठित Woodbine School के छात्र रौशन कुमार ने देश के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन सैन्य शिक्षण संस्थानों में से एक राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (RIMC), देहरादून की लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय बल्कि पूरा सारण जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
रौशन की सफलता की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल छा गया। शिक्षकों, सहपाठियों और अभिभावकों ने मिठाइयाँ बाँटकर अपनी खुशी व्यक्त की। परिवार में भी जश्न का वातावरण है और सभी ने रौशन की मेहनत, लगन और अनुशासन की सराहना की।
कहा जाता है कि जब इरादे फौलादी हों और मार्गदर्शन सशक्त हो, तो कठिन से कठिन मंजिल भी आसान हो जाती है। रौशन ने यह सिद्ध कर दिखाया है। RIMC की प्रवेश परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसमें पूरे भारत से हजारों प्रतिभाशाली छात्र शामिल होते हैं, लेकिन चयन बेहद सीमित संख्या में ही होता है।
सशस्त्र बलों की ‘नर्सरी’ है RIMC
देहरादून स्थित RIMC को भारतीय सशस्त्र बलों के अधिकारियों की ‘नर्सरी’ माना जाता है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र आगे चलकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने की दिशा में अग्रसर होते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान की लिखित परीक्षा में सफलता हासिल करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है।
विद्यालय ने जताया गर्व
Woodbine School के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने रौशन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, रौशन प्रारंभ से ही एक अनुशासित, मेहनती और कुशाग्र बुद्धि के छात्र रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय भाग लेते रहे हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षकों के मार्गदर्शन और छात्र के अथक परिश्रम का संयुक्त परिणाम है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
रौशन की उपलब्धि ने छपरा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जो छात्र रक्षा सेवाओं में अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं, उनके लिए यह सफलता प्रेरणास्रोत बन गई है।
रौशन कुमार ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह सफलता आने वाले समय में सारण जिले के अनेक विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देती रहेगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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