
छपरा। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजस्व समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभुक किसानों की ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी का कार्य कृषि विभाग के किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिन किसानों के नाम जमाबंदी कायम है, उनकी फार्मर रजिस्ट्री संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा की जा रही है। दोनों विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया गया। सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अंचलाधिकारी इस कार्य की प्रतिदिन व्यक्तिगत निगरानी करेंगे।
ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति लाने के उद्देश्य से 6 जनवरी से 9 जनवरी तक पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में दोनों कार्य साथ-साथ किए जाएंगे। कृषि विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारियों और अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को संबंधित प्रखंडों में कैंप कर कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
परिमार्जन और जमाबंदी कार्यों की समीक्षा
परिमार्जन प्लस के अंतर्गत जिन मामलों में ऑनलाइन जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, उनमें से लगभग 78 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। पिछले सात दिनों में सभी अंचलों में इस श्रेणी के 707 मामलों का निष्पादन हुआ है। वर्तमान में कर्मचारी स्तर पर 418 और अंचलाधिकारी स्तर पर 250 आवेदन लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार से जुड़े 1567 आवेदनों का निष्पादन बीते एक सप्ताह में किया गया है। हालांकि कर्मचारी स्तर पर 1023 और अंचलाधिकारी स्तर पर 307 आवेदन अभी लंबित हैं। सोनपुर अंचल में कार्य की गति और तेज करने के निर्देश दिए गए। दस्तावेजी त्रुटि के कारण लौटाए गए मामलों में त्वरित निर्णय लेकर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि परिमार्जन, म्युटेशन और दाखिल-खारिज के मामलों में अनावश्यक विलंब या शिथिलता बरतने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। राजस्व कार्यों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 15-15 राजस्व कर्मचारियों को जिला मुख्यालय बुलाकर समीक्षा की जाएगी।
पिछले सात दिनों में दाखिल-खारिज से जुड़े 1340 मामलों का निष्पादन किया गया है। 75 दिनों से अधिक समय से लंबित म्युटेशन मामलों को अगले सात दिनों में अनिवार्य रूप से निष्पादित करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया।
सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि चयन के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन, विद्यालय भवन, मंडल कारा छपरा का स्थानांतरण, उप कारा मढ़ौरा, बी-सैप केंद्र, मढ़ौरा अनुमंडल न्यायालय सहित विभिन्न विभागीय परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का शीघ्र चयन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी अंचलों को उपलब्ध सरकारी भूमि की अद्यतन जानकारी के साथ लैंड बैंक की सूची जनवरी के अंत तक तैयार करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी और सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे। जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और राजस्व कर्मचारी जुड़े।
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