UPSC Success Story: सारण में दरोगा की बेटी ने क्रैक किया UPSC, दूसरे प्रयास में हासिल की 578वीं रैंक
ग्रामीण परिवेश से निकलकर UPSC तक, शिवानी की सफलता बनी मिसाल

छपरा। कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और परिवार के सहयोग से सारण जिले की एक बेटी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
सोनपुर प्रखंड के डुमरी बुजुर्ग पंचायत अंतर्गत बभनगावा गांव की शिवानी कुमारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 578वीं रैंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव समेत पूरे सोनपुर इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
शिवानी के भाई अंकित कुमार ने बताया कि उनके पिता राकेश कुमार सिंह बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता रूबी देवी एक गृहणी हैं। परिवार में बड़ी बहन अंशु कुमारी और भाई अंकित कुमार हैं, जो हमेशा शिवानी के सपनों को साकार करने में उनका हौसला बढ़ाते रहे।
गांव के स्कूल से शुरू हुई सफलता की यात्रा
शिवानी की प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गांव के प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने गोगल सिंह इंटर स्तरीय विद्यालय, नयागांव से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं शिवानी ने 10वीं कक्षा में 82 प्रतिशत और 12वीं में विज्ञान संकाय से 90 प्रतिशत अंक हासिल किए।
पटना से की उच्च शिक्षा
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने पटना का रुख किया और पटना वीमेंस कॉलेज से केमिस्ट्री ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्नातक के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और पूरी लगन के साथ तैयारी में जुट गईं।
पहले प्रयास में चूक, लेकिन नहीं मानी हार
शिवानी ने दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। अपने पहले प्रयास में वह मात्र चार अंकों से सफलता से चूक गईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी गलतियों से सीख लेकर और अधिक मेहनत की और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर ली।
तैयारी के दौरान उन्हें दिल्ली के प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। परीक्षा देने के बाद जनवरी 2026 में वह स्वास्थ्य लाभ के लिए अपने घर लौट आईं, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और परिणाम घोषित होने पर उन्होंने यूपीएससी में 578वीं रैंक हासिल कर ली।
परिवार और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
शिवानी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग, भाई-बहनों के प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार का विश्वास और लगातार मिली प्रेरणा ही उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देती रही।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
शिवानी का कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर मेहनत की जाए, तो ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। शिवानी कुमारी की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सोनपुर और सारण जिले में गर्व का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं, खासकर ग्रामीण इलाकों की बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो यह साबित करती है कि मेहनत और लगन से कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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