Scam in Saran: सारण में मजदूरों की मजदूरी 56.61 लाख रूपये हड़पने वाले BPRO सस्पेंड
18 योजनाओं के 56.61 लाख गबन का आरोप

छपरा। सारण जिले के सदर प्रखंड में 18 योजनाओं के मजदूरों की मजदूरी की राशि गबन के आरोप में तत्कालीन प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) अवनीश कुमार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पंचायती राज विभाग के उप सचिव गोविन्द कुमार चौधरी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने गबन की गई 56.61 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद भी दायर किया है।
18 योजनाओं में मजदूरों की मजदूरी राशि का हुआ गबन
जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड में पंचायत समिति स्तर पर कुल 18 योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया था। इन योजनाओं में कार्य करने वाले मजदूरों के मजदूरी की राशि विभागीय प्रक्रिया के तहत बीपीआरओ के बैंक खाते में भेजी गई थी। लेकिन, आरोप है कि अवनीश कुमार ने मजदूरों के खातों में भुगतान करने के बजाय खुद बैंक जाकर चेक के माध्यम से नकद निकासी की और मजदूरी राशि का भुगतान नहीं किया।
योजना अभिकर्ता सह पंचायत सचिव रविन्द्र कुमार सिंह ने इस गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी अमन समीर से की। इसके बाद डीएम ने तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) लक्ष्मण तिवारी के नेतृत्व में जांच समिति गठित की। जांच में गबन का मामला प्रमाणित पाया गया।
डीएम ने विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा था पत्र
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी अमन समीर ने पंचायती राज विभाग के सचिव को पत्र भेजकर संबंधित पदाधिकारी पर अनुशासनिक कार्रवाई एवं राशि की वसूली का आदेश देने की अनुशंसा की थी। विभाग ने तत्काल प्रभाव से बीपीआरओ अवनीश कुमार को निलंबित कर दिया और निलंबन अवधि के दौरान पदस्थापन कार्यालय मुजफ्फरपुर जिला पंचायत राज कार्यालय निर्धारित किया गया।
वसूली की प्रक्रिया तेज, नीलाम पत्र वाद दायर
डीएम के निर्देश पर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी बिनोद आनंद ने 56.61 लाख रुपये की राशि वसूली को लेकर जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी के समक्ष वाद दायर किया है।
सूत्रों के अनुसार, बीपीआरओ को नोटिस भेजा जा रहा है और यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं की जाती है तो गिरफ्तारी वारंट जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उठा था मामला, तब हुई थी कार्रवाई की शुरुआत
बताया जाता है कि मजदूरों की मजदूरी राशि गबन का मामला जिला दिशा समिति और जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा जोर-शोर से उठाया गया था।
जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद ही जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
स्थानांतरण के बाद हुआ निलंबन
गौरतलब है कि बीपीआरओ अवनीश कुमार का 3 अक्टूबर को भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड में तबादला किया गया था। उन्होंने 6 अक्टूबर को वहां योगदान दिया, लेकिन सिर्फ दो दिन बाद 8 अक्टूबर को उन्हें निलंबित कर दिया गया।
फिलहाल क्या आगे?
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, गबन की राशि की वसूली को लेकर तीन नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर बीपीआरओ की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्य बिंदु एक नज़र में
- सदर प्रखंड में 18 योजनाओं की मजदूरी राशि का हुआ गबन
- 56.61 लाख की राशि की वसूली को लेकर नीलाम पत्र वाद दायर
- जांच में दोषी पाए जाने पर बीपीआरओ अवनीश कुमार निलंबित
- डीएम ने की थी अनुशंसा, पंचायती राज विभाग ने की कार्रवाई
- दिशा समिति की बैठक में उठा था मजदूरी घोटाले का मुद्दा
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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