सारण के 78 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर एक साल तक के लिए लगी रोक
सारण में मास्टर प्लान लागू होने तक नहीं होगा अनियोजित निर्माण

छपरा। सारण जिले में प्रस्तावित ‘सारण ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ को व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने छपरा योजना क्षेत्र के विशेष (स्पेशल) क्षेत्र और कोर क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, भूमि विकास और नए भवनों के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगा।
विभाग ने यह आदेश बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) तथा बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली, 2014 के नियम 9(8) के तहत जारी किया है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित टाउनशिप के लिए वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। जब तक मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अनियोजित निर्माण, भूमि विकास अथवा जमीन के हस्तांतरण की अनुमति नहीं होगी।
78 गांव प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल
सरकार की अधिसूचना के अनुसार छपरा योजना क्षेत्र के अंतर्गत छपरा, गड़खा और नगरा प्रखंड के कुल 78 राजस्व गांव एवं प्रशासनिक इकाइयों को इस अधिसूचना के दायरे में रखा गया है।
इन सभी गांवों में 30 जून 2027 तक
- जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी।
- भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी।
- नए भवनों का निर्माण नहीं किया जा सकेगा।
- भूमि विकास से संबंधित कार्यों की अनुमति नहीं होगी।
- अनियोजित कॉलोनियों या अन्य विकास गतिविधियों पर भी रोक रहेगी।
सरकार ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार सारण ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। यदि इस दौरान अनियंत्रित तरीके से भवन निर्माण या जमीन का हस्तांतरण होता है तो भविष्य की शहरी योजना प्रभावित हो सकती है।
इसी कारण सरकार ने मास्टर प्लान के अंतिम रूप लेने तक पूरे क्षेत्र में विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में सड़क, पार्क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाएं और अन्य शहरी अवसंरचना योजनाबद्ध तरीके से विकसित की जा सके।
कोर एरिया में शामिल चार गांव
ग्रीनफील्ड टाउनशिप के कोर एरिया में चार गांवों को शामिल किया गया है।
- महाराजगंज ग्रामीण
- शुकुलपुरा ग्रामीण
- बिशुनपुरा ग्रामीण
- पानापुर ग्रामीण
ये चारों गांव स्पेशल एरिया की सूची में भी शामिल हैं।
स्पेशल एरिया में शामिल प्रमुख गांव
छपरा प्रखंड
लोहरी, इतहिया, हरनारायण छपरा, तेनुआ, लोहरा, साढ़ा (सीटी), डुमरिया, छुरी छपरा, बहोरों टोला, रजइया टोला, अमर छपरा, मेहियां, बलगरहा, मीरा मुसहरी, माला,शेरपुर, धरमपुरा, बादलपुरा, जलालपुर, पानापुर, दरियावगंज, नंदलाल छपरा, बनथी, मौना, चाकिया, परसोतिम छपरा सहित कई गांव।
गड़खा प्रखंड
पचपात्रा, मोबारकपुर, आलियासपुर, महामदा, मजलिसपुर, बगही, फतनपुर, कुचाह, हसनपुरा, बेलवानिया, फुलवरिया, पहाड़पुर, जिलकाबाद, सरवाडीह, कमलपुर, पचभिरिया, फुरसतपुर, भैंसमारा, मीनापुर, जिगना, पिराउना, बरबकपुर सहित कई गांव।
नगरा प्रखंड
कोरिया, खानपुर, डुमरी टोला, लोहा छपरा, मदारिया, नेम्पूरी-के-टोला, खैरा और हार्डी छपरा सहित अन्य गांव।
30 जून 2027 तक लागू रहेगा प्रतिबंध
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2027 तक अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियोजित विकास गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी। मास्टर प्लान अधिसूचित होने के बाद आगे की प्रक्रिया सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होगी।
सारण ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना | सारण ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप |
| जारी करने वाला विभाग | नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार |
| कानूनी आधार | बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) |
| नियमावली | बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली, 2014 का नियम 9(8) |
| प्रभावित जिले | सारण (छपरा) |
| प्रभावित प्रखंड | छपरा, गड़खा एवं नगरा |
| कुल प्रभावित गांव | 78 |
| प्रतिबंध की अवधि | तत्काल प्रभाव से 30 जून 2027 तक |
| प्रतिबंधित गतिविधियां | जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, भूमि विकास एवं भवन निर्माण |
| उद्देश्य | मास्टर प्लान लागू होने तक अनियोजित विकास रोकना |
क्या नहीं कर सकेंगे लोग?
- जमीन की रजिस्ट्री
- जमीन की खरीद-बिक्री
- नए मकान या व्यावसायिक भवन का निर्माण
- प्लॉटिंग एवं भूमि विकास
- अनियोजित कॉलोनियों का विकास
इस फैसले को सारण में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ नगर विकास सुनिश्चित करना है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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