Saran DM said- Development of positive work culture in government offices is the top priority

सारण डीएम बोले- सरकारी कार्यालयों में सकारात्मक कार्य संस्कृति का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता

छपरा बिहार

छपरा। जिलाधिकारी अमन समीर के निर्देश पर आज जिला प्रशासन, सारण से संबंधित सभी शाखाओं एवं कार्यालयों में बेहतर कार्य प्रबंधन प्रणाली सुनिश्चित करने हेतु आज छपरा प्रेक्षागृह में एक दिवसीय उन्मुखीकरण-प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सभी कार्यालय प्रधान के साथ साथ संबधित कार्यालयों के सहायकों को भी बेहतर कार्यालय प्रबंधन प्रणाली को लेकर ध्यान रखने योग्य बातों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिलाधिकारी अमन समीर ने अपने संबोधन में इस कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुये कहा कि सभी कार्यालयों में सकारात्मक कार्य संस्कृति का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कार्यालयों में पदाधिकारी एवं कर्मी समय पर उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज करें।

सभी पदाधिकारी एवं कर्मी कार्यालय अवधि में आईडी कार्ड का जरूर उपयोग करें। सभी कार्यालयों में सभी सहायकों का नाम, पदनाम एवं कार्यदायित्व का प्रदर्शन उनके कार्यालय डेस्क पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होना चाहिये। सभी कार्यालय प्रधान संबंधित कार्यालय को एक टीम की तरह संचालित करें। कर्मियों की कार्य कुशलता एवं कार्य क्षमता के अनुरूप कार्यों का आवंटन करें।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी पदाधिकारी या कर्मी की कार्य शिथिलता के कारण किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिये। अपने पूर्व के अनुभवों के आधार पर उन्होंने कुछ उदाहरण के माध्यम से भी स्थितियों को समझाने का प्रयास किया कि कैसे कार्य शिथिलता के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

कुछ कार्यों के लिये चेकलिस्ट तैयार किया जाना अनिवार्य होता है।ऐसे कार्यों से संबंधित संचिकाओं को निर्धारित चेकलिस्ट के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने के उपरांत ही अग्रसारित किया जाना चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संचिकाओं का ससमय निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है। तीन दिनों के अन्तर्गत संचिकाओं के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें।

उन्होंने कहा कि कर्मियों को उनकी कार्य कुशलता एवं दक्षता के आधार पर अलग अलग श्रेणियों में बांटा जायेगा। प्रत्येक लिपिक को अपने बेहतर रुचि के तीन विषय वस्तुओं की जानकारी देने को कहा गया। इस जानकारी के संकलन के आधार पर विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिये विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन की सूची तैयार की जायेगी। नये कर्मियों को भी उनकी रुचि के विषय वस्तु में दक्ष बनाने का प्रयास किया जायेगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यालय में आगत पत्रों के लॉगबुक का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया जाना चाहिये।आगत पंजी में दर्ज पत्रों के निष्पादन का प्रत्येक माह के अंत में समेकित रिपोर्ट का संकलन प्रधान लिपिक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करेंगे।

श्री समीर ने कहा कि पदाधिकारी एवं कर्मियों की सेवानिवृत्ति के उपरांत उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करने की परंपरा होनी चाहिए। इसी प्रकार पदाधिकारियों के अन्यत्र स्थानांतरण के उपरांत उन्हें भी सम्मानपूर्वक विदाई दी जानी चाहिये। जिलाधिकारी ने कार्यशाला में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कहा कि बेहतर कार्य प्रबंधन से समस्त कार्यों का ससमय निष्पादन होगा तथा किसी भी तरह के अनावश्यक तनाव भी नहीं होगा।

विभिन्न शाखाओं के अनुभवी प्रधान सहायकों द्वारा कार्यालयों के बेहतर प्रबंधन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बातों के बारे में एक एक कर बताया गया। डाक मैनेजमेंट, पत्राचार,विधि व्यवस्था, टिप्पणी लेखन, संचिकाओं का निष्पादन, सेवा एवं सेवांत लाभ से संबंधित मामलों के निष्पादन, भविष्यनिधि के मामलों, आपदा प्रबंधन, राजस्व , नजारत, विधि,वित्तीय नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया आदि के बारे में एक एक कर बताया गया।
इस अवसर पर नगर आयुक्त,अपर समाहर्त्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं इन सभी कार्यालयों के लिपिक उपस्थित थे।