क्राइमछपरा

Saran News: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वाले दो अभियुक्तों को 4-4 साल की सजा व 2-2 लाख जुर्माना

वायरल वीडियो बना मुसीबत, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

छपरा। सारण जिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने के मामले में साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। साइबर थाना कांड संख्या-62/25 में माननीय न्यायालय ने दो अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए अधिकतम 4-4 वर्ष के कारावास एवं 2-2 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला साइबर अपराध के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

त्वरित विचारण में मिली सजा

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार वर्ष 2026 में सारण जिले के गंभीर अपराधों को चिन्हित कर त्वरित विचारण कराया जा रहा है। इसी क्रम में 25 फरवरी 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 श्री श्रीकांत सिंह की अदालत ने सत्रवाद संख्या-1067/25 में फैसला सुनाया।

किन धाराओं में क्या सजा

न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को निम्न धाराओं में सजा सुनाई

  • धारा 77 बीएनएस: 3-3 वर्ष कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड
  • धारा 356(2) बीएनएस: 1-1 वर्ष कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड
  • धारा 351(2) बीएनएस: 1-1 वर्ष कारावास एवं 10-10 हजार रुपये अर्थदंड
  • धारा 66(ई) आईटी एक्ट: 2-2 वर्ष कारावास एवं 1-1 लाख रुपये अर्थदंड
  • धारा 67 आईटी एक्ट: 2-2 वर्ष कारावास एवं 1-1 लाख रुपये अर्थदंड
  • धारा 67(ए) आईटी एक्ट: 4-4 वर्ष कारावास एवं 2-2 लाख रुपये अर्थदंड

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त 6 माह का कारावास भुगतना होगा।

पांच साक्षियों की गवाही

मामले में अनुसंधानकर्ता सहित कुल 5 साक्षियों की गवाही कराई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोष सिद्ध पाया।

सजायाफ्ता अभियुक्त

  1. प्रकाश यादव उर्फ प्रकाश कुमार, निवासी-अकिलफर, थाना व जिला-सारण।
  2. कुनाल गौतम उर्फ रोहित कुमार, निवासी-दरियापुर, थाना-सोनपुर, जिला-सारण।

साइबर अपराध पर पुलिस सख्त

जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की छवि धूमिल करने या आपत्तिजनक सामग्री वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गंभीर कांडों में साक्ष्य संकलन और त्वरित विचारण के माध्यम से अभियुक्तों को सजा दिलाने की दिशा में पुलिस लगातार प्रयासरत है।

इस फैसले से साइबर अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि डिजिटल माध्यम पर की गई आपराधिक गतिविधियां भी कानून के दायरे में हैं और दोषियों को कड़ी सजा से नहीं बचाया जा सकता।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button