Assistant Architect: सारण की बेटी समीना ने रचा इतिहास, पहले प्रयास में BPSC से बनीं सहायक आर्किटेक्ट
सपना देखा, मेहनत की... और पा लिया मुकाम

छपरा। कभी सपने छोटे नहीं होते अगर हो मजबूत हौसला और पक्की मेहनत। इसी बात को हकीकत में बदल दिखाया है सारण जिले के नगरा प्रखंड की होनहार बेटी समीना नाज ने। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक आर्किटेक्ट (Assistant Architect) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर समीना ने न सिर्फ अपने परिवार और समाज, बल्कि पूरे सारण जिले को गौरवान्वित किया है।
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पहले ही प्रयास में मिली बड़ी सफलता
समीना को यह सफलता उनके पहले ही प्रयास में प्राप्त हुई। 25 जून को पटना के देशरत्न मार्ग स्थित संवाद हॉल में आयोजित समारोह में स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें योगदान पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और भवन निर्माण मंत्री जयंत राज जैसे दिग्गज नेता भी उपस्थित रहे।
दादा का सपना किया साकार
समीना नाज के पिता रेयाजुल हक अंसारी पेशे से शिक्षक हैं, वहीं उन्हें इंजीनियरिंग सेवा में जाने की प्रेरणा अपने सेवानिवृत्त इंजीनियर बड़े अब्बू सेराजुल हक से मिली। समीना ने बताया कि यह सफलता उनके लिए व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उनके दादा स्व. अब्दुस समद अंसारी और मां साबरा खातून के वर्षों पुराने सपने की पूर्ति है।
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शिक्षा और तैयारी की कहानी
समीना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय, छपरा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने BIT Mesra, रांची से बी.आर्क (Bachelor of Architecture) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने BPSC की तैयारी पर भी ध्यान केंद्रित रखा और दृढ़ संकल्प के साथ खुद को लगातार निखारती रहीं।
सारण की बेटियों के लिए मिसाल
समीना नाज की सफलता उन तमाम बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो बड़े सपने तो देखती हैं, लेकिन संसाधनों और सामाजिक दबावों के बीच अक्सर हिचकिचा जाती हैं। समीना ने साबित कर दिया कि अगर नीयत सच्ची हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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समीना का संदेश
| समीना कहती हैं, “हर लड़की के अंदर काबिलियत होती है, बस ज़रूरत है उसे सही दिशा देने की। मेरे परिवार ने मुझ पर विश्वास किया, और मैंने उस विश्वास को मेहनत से जवाब दिया।” वे अब चाहती हैं कि गांव और जिले की अन्य लड़कियां भी सरकारी सेवाओं में आकर समाज निर्माण में भागीदार बनें। |
समीना नाज की यह सफलता केवल एक नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि सारण के लिए नारी सशक्तिकरण, शिक्षा और प्रेरणा का प्रतीक है। एक शिक्षक की बेटी ने दिखा दिया कि मजबूत सोच और मेहनत के दम पर किसी भी मंच पर परचम लहराया जा सकता है। उनका यह सफर निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों को नई उड़ान देने का काम करेगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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