यूपी से छपरा में कारतूस की डिलेवरी देने ट्रेन से आ रही थी लड़की, जीआरपी ने बीच रास्ते में हीं दबोच लिया

छपरा। यूपी के बलिया में जीआरपी पुलिस को रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग के दौरान बड़ी कामयाबी हाथ लगी. पुलिस टीम ने वाराणसी-छपरा पेसेंजर ट्रेन में सफर कर रही एक 20 वर्षीय युवती के बैग से भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. फिलहाल, पूछताछ के बाद युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है. युवती के बैग में सैकड़ों कारतूस देख पुलिसवाले भी सन्न रह गए.
पैसेंजर ट्रेन में कर रही थी सफर
मामले में पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी (गोरखपुर रेंज) सवि रत्न गौतम ने बताया कि आज (23 अक्तूबर) सूचना मिली थी कि वाराणसी-छपरा पेसेंजर ट्रेन से एक युवती बड़ी मात्रा में कारतूस लेकर जा रही है. जिसके बाद बलिया जीआरपी द्वारा ट्रेन में चेकिंग की गई तो एक युवती अपनी सीट के नीचे ट्रॉली बैग रखे हुए बैठी थी. जब उस ट्रॉली बैग के बारे में युवती से पूछताछ की गई तो उसने बैग को अपना बताया. तलाशी लेने पर उसमें से 750 जिंदा कारतूस बरामद हुए. सभी कारतूस 315 बोर के हैं. ऐसे में पूछताछ के बाद युवती को गिरफ्तार कर लिया गया.
छपरा में देना था डिलेवरी
पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी के मुताबिक, युवती ने पूछताछ में बताया कि वह इन कारतूसों को बिहार के छपरा ले जा रही थी. उसे कारतूसों को छपरा में किसी व्यक्ति को देना था. कारतूस से भरा यह बैग अंकित पांडे नाम के शख्स ने दिया था. अंकित जिला गाजीपुर के थाना करिमुद्दीनपुर का रहने वाला है. अधिकारी ने बताया कि फिलहाल, युवती को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया जा रहा है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं ये कारतूस नक्सालियों को तो नहीं बेचे जा रहे थे. हालांकि, जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.
इससे पहले 28 सितंबर को बलिया रेलवे स्टेशन से कुल 825 कारतूस बरामद किए गए थे और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
Author Profile

Latest entries
करियर – शिक्षाApril 11, 2026BPSC Exam: सारण में 31 केंद्रों पर होगी AEDO की परीक्षा, जैमर-सीसीटीवी से होगी सख्त निगरानी
बिहारApril 11, 2026अब सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, 24 घंटे में मिलेगा डेथ सर्टिफिकेट
Railway UpdateApril 11, 2026अब AI करेगा रेलवे ट्रैक की निगरानी, लगेंगे नए कॉम्पोजिट स्लीपर
बिहारApril 11, 2026बिहार में बड़ा फैसला: सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह बैन



