सारण में सरयू नदी में डूबने से छात्र की मौत, विरोध में ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
शादी की खुशियां मातम में बदलीं

छपरा। सारण जिले के मांझी नगर पंचायत क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सरयू नदी के छठ घाट पर स्नान करने गए 20 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की खुशियां गूंजने वाली थीं, वहां अब सन्नाटा और चीख-पुकार का माहौल है।
मृतक की पहचान दुर्गापुर निवासी प्रेम कुमार सिंह के पुत्र रौशन कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो हाल ही में इंटर परीक्षा का परीक्षार्थी था। परिजनों के अनुसार रौशन अन्य युवकों और घर की महिलाओं के साथ नदी में स्नान करने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह लापता हो गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और अपने स्तर पर युवक की तलाश शुरू कर दी, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। उधर, सूचना के बावजूद प्रशासनिक पदाधिकारियों के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा।
करीब दो घंटे तक अधिकारी के नहीं पहुंचने से नाराज लोगों ने बलिया मोड़ के पास सड़क जाम कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर लकड़ी और अन्य सामान रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया और आगजनी भी की। जाम के कारण छपरा, बलिया, ताजपुर और एकमा रोड पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सीओ के खिलाफ फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप था कि अंचलाधिकारी (सीओ) सौरभ अभिषेक ने घटना के बाद कोई तत्परता नहीं दिखाई और न ही एसडीआरएफ टीम को समय पर बुलाने की पहल की। यहां तक कि जब वे मौके पर पहुंचे तो आक्रोशित लोगों ने उन्हें खदेड़ दिया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सीओ ने पहले उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक रणधीर सिंह ने हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। बाद में सदर एसडीओ नितेश कुमार और एसडीपीओ राजकुमार भी मौके पर पहुंचे, लेकिन शुरुआती विरोध के कारण उन्हें भी लौटना पड़ा।
शाम करीब साढ़े पांच बजे एसडीआरएफ टीम के मौके पर पहुंचने और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया, जिससे आवागमन बहाल हो सका। हालांकि खबर लिखे जाने तक युवक का शव बरामद नहीं हो सका था और तलाश अभियान जारी था।
7 मई को घर में होने वाली थी शादी
बताया जाता है कि मृतक के बड़े पापा की बेटी की शादी 7 मई को तय थी। इस घटना के बाद पूरे परिवार की खुशियां गम में बदल गई हैं। वहीं, ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए मांझी में एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती की जाए।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 26, 2026छपरा नगर निगम समेत 9 नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति के चुनाव की तारिख घोषित
छपराMay 26, 2026सारण में बड़ा हादसा: सरयू नदी में डूबे 3 सगे भाई, दो को बचाया गया, एक लापता
बिहारMay 26, 2026Bihar Darshan: बिहार सरकार का नया फरमान, अफसरों को परिवार संग करना होगा पर्यटन भ्रमण
Railway UpdateMay 26, 2026Summer Special Train: छपरा के रास्ते आनंद विहार से मुजफ्फरपुर के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन







