सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य

छपरा। राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य अपना चुनावी डेब्यू करने के लिए तैयार हैं क्योंकि वह सारण लोकसभा क्षेत्र से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। पार्टी नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए इस घटनाक्रम के संकेत भी दिए हैं। सारण सीट से लालू परिवार के सदस्य लंबे समय से चुनाव लड़ते रहे हैं।
फिलहाल लालू के तीन बच्चे सक्रिय रूप से राजनीति में हैं। इनमें उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ-साथ उनके दोनों बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव भी शामिल हैं, जो पहले भी मंत्री रह चुके हैं। यह उल्लेख करना उचित है कि रोहिणी ही वह व्यक्ति थीं, जिन्होंने दिसंबर 2022 में सिंगापुर स्थित एक अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी के दौरान अपने पिता को उदारतापूर्वक अपनी एक किडनी दान की थी। अब सारण सीट से आरजेडी की ओर से रोहिणी आचार्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है. रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. सोशल मीडिया पर वो बेबाकी से अपनी बात रखती हैं. इसके साथ ही राजनीतिक मुद्दों पर हमेशा टिप्पणी और बयान देती रहती हैं. रोहिणी सामाजिक उत्कर्ष पर तब जा बैठी जब उन्होंने पुत्री धर्म निभाते लालू यादव को अपनी एक किडनी दी। पर राजनीति की मुख्यधारा में तब आईं जब राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर रोहिणी यादव अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए चर्चित हुई।
जय प्रकाश नारायण की जन्मस्थली सारण निर्वाचन क्षेत्र बिहार में महत्वपूर्ण राजनीतिक महत्व रखता है। इसे राज्य की सबसे हाई-प्रोफ़ाइल संसदीय सीटों में से एक माना गया है। 1977 में अपनी संसदीय यात्रा शुरू करने वाले लालू यादव इस निर्वाचन क्षेत्र से चार बार सांसद चुने गए हैं। उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी इस सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं।
2009 के चुनाव में लालू यादव सारण से विजयी हुए. हालाँकि, चारा घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद, उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। नतीजतन, राबड़ी देवी ने 2014 में इस सीट से चुनाव लड़ा। इसके बावजूद, मोदी लहर के खिलाफ राजद के सभी प्रयास व्यर्थ गए और राजीव प्रताप रूडी जीत हासिल कर संसद में लौट आए। 2019 के चुनाव में बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी ने एक बार फिर जीत हासिल की, जबकि राजद के चंद्रिका राय चुनाव हार गये। इसी तरह 2014 में राजीव प्रताप रूडी ने राजद की राबड़ी देवी को हराया था। यह सच है कि चर्चा के अनुसार रोहिणी को टिकट मिलता है तो यह परिवारवाद के दायरे में आएगा। लेकिन रोहिणी को चुनावी जंग में उतरने का एज यह मिलेगा कि अपने पिता लालू प्रसाद को किडनी डोनेट करने के बाद एक आदर्श पुत्री बन गई हैं।
इस वजह से राजद के जातीय समीकरण से इतर आदर्श पुत्री के नाम पर मिसलेनियस वोट भी मिल सकता है। नीतीश कुमार के विरुद्ध रोहिणी के बयान भी कम आक्रामक नहीं रहे। इस कारण से नीतीश विरोधी खेमा भी राजद उम्मीदवार होने पर रोहिणी के हक में मतदान कर सकते हैं। अभी राज्य में युवा नेतृत्व उफान पर है। इस युवा नेतृत्व का रोहिणी एक छोर पकड़ सकती हैं।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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