सारण DM ने की बड़ी पहल, अब इंजरी रिपोर्ट मिलेगी ऑनलाइन, जानिए कैसे बदलेगी न्यायिक प्रक्रिया
छपरा में लागू होगी ऑनलाइन इंजरी रिपोर्ट व्यवस्था

छपरा। जिले में आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। अब इंजरी रिपोर्ट की प्रक्रिया ऑनलाइन (Injury Report Process Online) करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे अभियोजन में हो रही देरी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। यह निर्णय जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित अभियोजन की समीक्षा बैठक में लिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अभियोजन से जुड़े मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अभियोजन पदाधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अभियोजन कार्यों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर फीडबैक भी लिया और उनके समाधान को लेकर ठोस पहल करने की बात कही।
जिलाधिकारी ने कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति के कारण कई मामलों में सुनवाई टल जाती है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसे देखते हुए उन्होंने न्यायालय में निर्धारित तिथियों पर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक समेकित सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि समय पर समन और समन्वय संभव हो सके।
इंजरी रिपोर्ट नहीं मिलने से अभियोजन प्रक्रिया में देरी
बैठक में यह भी सामने आया कि इंजरी रिपोर्ट तैयार होने में देरी अभियोजन प्रक्रिया में विलंब का एक बड़ा कारण बन रही है। इस समस्या के समाधान के लिए ऑनलाइन इंजरी रिपोर्ट प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी ने इसके लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले में पदस्थापित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों का इंजरी ऐप पर निबंधन कराया जाए तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए।
चार्जशीट दाखिल करने और सुनवाई में आयेगी तेजी
ऑनलाइन इंजरी रिपोर्ट व्यवस्था के क्रियाशील होने से चोट संबंधी रिपोर्ट समय पर पुलिस और अभियोजन को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे चार्जशीट दाखिल करने और मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था लागू होने के बाद मैनुअल प्रक्रिया में होने वाली देरी और त्रुटियों पर भी अंकुश लगेगा।
जिलाधिकारी ने सभी लोक अभियोजकों को पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियोजन की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर तालमेल से ही मामलों का समयबद्ध निष्पादन संभव है।
बैठक में विधि शाखा प्रभारी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), स्थापना उपसमाहर्त्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला अभियोजन पदाधिकारी, सभी अभियोजन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। तकनीक के अधिकतम उपयोग और विभागीय समन्वय के माध्यम से अभियोजन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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