
पटना। नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार का सत्ता सूत्र संभालने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की 10वीं शपथ वे संभवतः 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में लेंगे। नीतीश कुमार और गांधी मैदान का रिश्ता हमेशा से खास रहा है। जब भी जनता ने उन्हें मजबूत जनादेश दिया, उन्होंने उसी मैदान से शपथ लेकर अपनी जीत को लोगों के बीच समर्पित किया। आइए समझते हैंकब-कब और किन परिस्थितियों में गांधी मैदान नीतीश कुमार की ऐतिहासिक शपथग्रहण का साक्षी बना।
2005 की पहली बड़ी खुशी, सत्ता परिवर्तन का जश्न
अक्टूबर 2005 के चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिला और जदयू 88 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जदयू को 20.46% वोट, भाजपा को 15.65% वोट और 55 सीटें मिली थीं। यह नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन की पहली बड़ी जीत थी जब वे पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आए। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाते हुए नवंबर 2005 में गांधी मैदान में ही भव्य शपथ ली। जदयू–भाजपा गठबंधन की कुल 143 सीटों की ताकत के साथ सत्ता परिवर्तन का यह दृश्य वर्षों तक बिहार की राजनीति में मिसाल बना रहा।
दो सौ पार की वापसी और दूसरी भव्य शपथ
2010 में एनडीए ने और भी प्रचंड जीत हासिल की। जदयू ने 141 सीटों पर लड़कर 115 सीटों पर जीत दर्ज की (22.58%)। भाजपा ने 91 सीटें जीतीं (16.49%)। दोनों दलों की संयुक्त ताकत 206 सीटों तक पहुंच गई—और इस ऐतिहासिक जनादेश के उत्साह में नीतीश कुमार ने दोबारा गांधी मैदान से ही भव्य शपथ ग्रहण किया। यह समारोह बिहार की राजनीति में शक्ति और स्थिरता की बड़ी मिसाल माना गया।
नीतीश कुमार की तीसरी ‘200 पार’ शपथ
वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने एक बार फिर दो सौ का आंकड़ा पार कर लिया। 243 में से 202 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की। इतने मजबूत जनादेश के साथ नीतीश कुमार का गांधी मैदान लौटना तय माना जा रहा है। यह उनकी तीसरी ‘200 पार’ शपथ होगी।
- भाजपा : 89 सीटें
- जदयू : 85 सीटें
- लोजपा (रामविलास) : 19 सीटें
- हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा : 5 सीटें
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा : 4 सीटें
गांधी मैदान में शुरू हुई अभूतपूर्व तैयारी
शपथ ग्रहण को लेकर पटना में सुरक्षा और तैयारी के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं और हर हिस्से में सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है रविवार शाम से ही क्षेत्र की सुरक्षा पूरी तरह पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के हाथों में दे दी गई है। गांधी मैदान को चार दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।
- मैदान के चारों ओर कड़ी बैरिकेडिंग
- डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर
- हाइटेक सुरक्षा जांच प्रणाली
वीवीआईपी का जमावड़ा — पीएम मोदी होंगे मुख्य गवाह
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए पुलिस, एसपीजी और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।



