
छपरा। नाबालिग से दुष्कर्म से जुड़े एक संवेदनशील मामले में छपरा सिविल कोर्ट के माननीय विशेष न्यायालय (पोक्सो) ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश अस्मिता राज की अदालत ने इशुआपुर थाना कांड संख्या-88/21 के आरोपी रामईश्वर राम, पिता जमुना राम को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई।
यह था मामला
मामला 9 मई 2021 को दर्ज हुआ था। अभियुक्त पर नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर मामला विशेष पोक्सो न्यायालय में विचाराधीन था।
अदालत का फैसला
न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 376 (ए-बी)/511 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त 6 माह का कठोर सश्रम कारावास भुगतना होगा।
साथ ही, पोक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत अदालत ने अभियुक्त को 5 वर्ष का साधारण कारावास और 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया। इस राशि का भुगतान न करने पर अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता को न्याय
यह फैसला न केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समाज के लिए एक सख्त संदेश भी है कि नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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