Madhaura Sugar Mill: वर्षों से बंद मढ़ौरा चीनी मिल का तमिलनाडु की टीम ने किया निरीक्षण
आधारभूत संरचनाओं का जायजा लेने के साथ ही निवेशकों ने किया किसानों से बातचीत

छपरा । वर्षों से बंद मढ़ौरा चीनी मिल को पुनः चालू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल अब धरातल पर दिखाई पड़ने लगी है। तमिलनाडु के निवेशकों ने रविवार को सारण जिले में स्थित बंद मढ़ौरा चीनी मिल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिल परिसर की वर्तमान स्थिति और वहां उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का जायजा लिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी भी ली।
आधारभूत संरचनाओं का लिया जायजा
बताया जाता है कि निरीक्षण के दौरान निवेशकों की टीम ने मिल परिसर में उपलब्ध मशीनरी, भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का अवलोकन किया। साथ ही मिल के वर्तमान हालात का आकलन किया गया, ताकि भविष्य में इसे दोबारा शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सके।
सात निश्चय–3 के तहत हो रही पहल
विदित हो कि राज्य सरकार ने सात निश्चय–3 के तहत बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराने की दिशा में कार्य शुरू किया है। इसके साथ ही राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इस पहल को लेकर गन्ना उद्योग विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
तमिलनाडु के निवेशकों ने किया निरीक्षण
राज्य सरकार की पहल पर तमिलनाडु के एसएनजे ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस. एन. जयमुरुगन, अध्यक्ष सेल्वा कुमार, उपाध्यक्ष श्री कृष्ण और ग्रुप ऑडिटर बिमलेंद्र मिश्रा ने गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बंद पड़ी मढ़ौरा चीनी मिल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के किसानों से मुलाकात कर गन्ना उत्पादन से जुड़े विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की। इसके साथ ही खेतों में गन्ना फसल की स्थिति का भी अवलोकन किया गया।
1904 में हुई थी मिल की स्थापना
गौरतलब है कि सारण जिले में स्थित मढ़ौरा चीनी मिल देश और बिहार की पहली चीनी मिलों में से एक मानी जाती है। इसकी स्थापना 1904 में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई थी।
बताया जाता है कि 90 के दशक में यह चीनी मिल बंद हो गई, जिसके बाद धीरे-धीरे इसके अधिकांश उपकरण खराब और निष्क्रिय हो गए। अब राज्य सरकार की पहल से एक बार फिर इस मिल के खुलने की उम्मीद जगी है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण
निवेशकों के निरीक्षण के दौरान सहायक ईखायुक्त वेदव्रत कुमार और ईख पदाधिकारी कोमर कानन भी मौजूद रहे। बताया जाता है कि राज्य सरकार के सात निश्चय–3 कार्यक्रम के अंतर्गत ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मढ़ौरा चीनी मिल का यह निरीक्षण राज्य में चीनी उद्योग के पुनर्जीवन और निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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