Khas Mahal Ki Jamin: खास महाल की जमीन पर दशकों से रह रहे लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, 30 हजार परिवारों को मिलेगा भूमि पर्चा
8054 राजस्व कर्मियों और 765 अमीनों की होगी बहाली

Khas Mahal Ki Jamin Bihar: बिहार सरकार जल्द ही राज्य के विभिन्न जिलों में खास महाल की भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे हजारों परिवारों को बड़ी राहत देने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ऐसे लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। इसके साथ ही आगामी 15 अगस्त को विशेष अभियान चलाकर 30 हजार भूमिहीन परिवारों को भूमि का पर्चा सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह जानकारी राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन और भूमि विवादों के समाधान को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
खास महाल की जमीन पर रहने वालों को मिलेगी राहत
राजस्व मंत्री ने बताया कि सासाराम, पूर्णिया, कटिहार समेत कई जिलों में ऐसे हजारों परिवार हैं जो 60 से 70 वर्षों से खास महाल की भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें उस भूमि का कानूनी स्वामित्व प्राप्त नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रही है। 15 अगस्त के बाद संबंधित लोगों से संवाद स्थापित कर भूमि के बाजार मूल्य के एक निर्धारित हिस्से के भुगतान की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। इसके बाद भूमि को फ्री होल्ड कर संबंधित परिवारों को मालिकाना अधिकार प्रदान किया जाएगा।
15 अगस्त को 30 हजार परिवारों को मिलेगा पर्चा
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “अभियान बसेरा-2” योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को वास योग्य भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री ने बताया कि अब तक 1,39,581 परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 71,569 परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराई गई है। आगामी 15 अगस्त को विशेष अभियान चलाकर 30 हजार अतिरिक्त परिवारों को भूमि पर्चा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही “अभियान बसेरा-3” शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।
बड़े पैमाने पर होगी बहाली
भूमि एवं राजस्व सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने बड़े पैमाने पर मानव संसाधन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
| पद | प्रस्तावित बहाली |
|---|---|
| राजस्व कर्मचारी | 8054 |
| अमीन | 765 |
इसके अतिरिक्त ग्राम कचहरी और हल्का स्तर पर कार्यपालक सहायकों की तर्ज पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति पर भी विभाग विचार कर रहा है।
सहयोग शिविर में 68 हजार से अधिक मामलों का निपटारा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित सहयोग शिविरों को बड़ी सफलता मिली है।
15 जून तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
| विवरण | संख्या |
| प्राप्त आवेदन | 81,371 |
| निष्पादित मामले | 68,242 |
मंत्री ने कहा कि दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस जैसी सेवाओं में विभाग ने उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे आम लोगों को तेजी से राहत मिल रही है।
भूमि अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं को मिली गति
राजस्व मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की 28 महत्वपूर्ण केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय परियोजनाओं के लिए 1,380.59 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराई गई है।
इसके अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 45,748 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
इन परियोजनाओं में शामिल हैं—
- राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाएं
- रेलवे परियोजनाएं
- औद्योगिक विकास योजनाएं
- हवाई अड्डा निर्माण परियोजनाएं
- स्वास्थ्य एवं शिक्षा संस्थान
- जल संसाधन विभाग की योजनाएं
- न्यायिक एवं सुरक्षा संबंधी परियोजनाएं
पांच जिलों में जल्द पूरा होगा विशेष सर्वे
राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि 15 अगस्त 2026 तक पांच जिलों में सर्वे कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन जिलों में शामिल हैं—
- अरवल
- जहानाबाद
- लखीसराय
- शिवहर
- शेखपुरा
उन्होंने दावा किया कि अगले दो से तीन वर्षों में राज्यभर में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा
राज्य सरकार द्वारा हाल ही में भूमि का सर्किल रेट बढ़ाए जाने के फैसले का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे किसानों को भूमि अधिग्रहण के दौरान अधिक मुआवजा प्राप्त होगा। साथ ही सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
भूमि प्रशासन के लिए चार नई नियमावलियां
भूमि प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभाग ने चार महत्वपूर्ण नियमावलियां तैयार की हैं—
- बेतिया राज संपत्ति निहितीकरण नियमावली-2026
- बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026
- बिहार काश्तकारी (संशोधन) नियमावली-2026
- बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती (संशोधन) नियमावली-2026
राजस्व मंत्री ने कहा कि इन सुधारों से भूमि प्रबंधन प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनेगी।
प्रेस वार्ता में विभाग के सचिव जय सिंह, निदेशक भू-अभिलेख एवं परिमाप सुहर्ष भगत, अपर सचिव प्रशांत कुमार, निदेशक कमलेश कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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