Saran News: फायरिंग मामले में गिरफ्तार दरोगा को सारण SSP ने किया निलंबित
आपसी वर्चस्व में दरोगा ने की थी फायरिंग

छपरा/गोपालगंज। वर्दी की मर्यादा को तोड़ देने वाले एक मामले में गोपालगंज पुलिस ने सारण में पदस्थापित एक दरोगा को फायरिंग कांड में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आपसी वर्चस्व को लेकर हुई फायरिंग की इस घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक, गोपालगंज के कार्यालय पत्रांक-1072/गो०, दिनांक-16.02.2026 के माध्यम से अवगत कराया गया कि दिनांक 15.02.2026 को गोपालगंज जिला के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मस्थान चौक (विमल जनरल स्टोर के समीप) आपसी वर्चस्व को लेकर फायरिंग की घटना घटी। घटना के दौरान एक व्यक्ति के सिर के ऊपर से गोली गुजरने की सूचना मिली, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया।
घटना स्थल से खोखा बरामद
इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या-159/26, दिनांक-15.02.2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बी०एन०एस०) की धारा 109/308 (4)/3 (5) एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज की गई। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 एवं नगर थाना प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के दौरान घटनास्थल से एक गोली का खोखा बरामद किया गया।
मामले के त्वरित अनुसंधान के लिए गठित विशेष टीम ने फायरिंग करने वाले मुख्य अभियुक्त पंकज कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त की निशानदेही पर वर्तमान में छपरा (सारण) में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (पु०अ०नि०) आशीष कुमार की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद आशीष कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में संबंधित पुलिस पदाधिकारी द्वारा कर्तव्य के प्रति उदासीनता, लापरवाही एवं अनुशासनहीनता परिलक्षित होने की बात सामने आई है। इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए सारण पुलिस प्रशासन ने पु०अ०नि० आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, सारण निर्धारित किया गया है।
एसएसपी ने विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा
साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई हेतु द्वितीय आरोप-प्रारूप गठित कर विधिसम्मत अनुशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सारण पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि वह अनुशासन, पारदर्शिता एवं विधि के शासन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कर्तव्य में शिथिलता अथवा अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि कानून से ऊपर कोई नहीं—चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी अधिकारी।
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