UGC New Act: नए नियम से कॉलेजों में हड़कंप, SC-ST, OBC और दिव्यांग छात्रों को राहत
UGC के नए नियमों से संस्थानों पर बढ़ी जवाबदेही

नई दिल्ली। देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, दिव्यांगता या लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में नए और सख्त नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अब सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अपने यहां समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre) और इक्विटी कमेटी का गठन अनिवार्य रूप से करना होगा।
यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन और महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई और समाधान के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें डिग्री कार्यक्रमों पर रोक तक शामिल है।
समान अवसर केंद्र का गठन अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में समान अवसर केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में समाज के सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।
इसके अंतर्गत एक इक्विटी कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष संस्थान के प्रमुख (कुलपति/प्राचार्य) होंगे। समिति में SC, ST, OBC, दिव्यांगजन और महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है।
बैठक और रिपोर्टिंग की व्यवस्था
UGC के निर्देशानुसार इक्विटी कमेटी को वर्ष में कम से कम दो बार बैठक करनी होगी। प्रत्येक अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट संस्थान स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी। जबकि वार्षिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से यूजीसी को भेजी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान वास्तव में नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
नियम न मानने पर कड़ी कार्रवाई
यूजीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई शिक्षण संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे यूजीसी की विभिन्न योजनाओं में भाग लेने से वंचित किया जा सकता है। डिग्री प्रोग्राम, डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन लर्निंग कार्यक्रमों के संचालन पर रोक लग सकती है। गंभीर स्थिति में संस्थान का नाम यूजीसी की मान्यता सूची से हटाया भी जा सकता है।
पुलिस, प्रशासन और समाज से होगा तालमेल
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गठित की जाने वाली ये समितियां केवल कागजी नहीं होंगी।
- स्थानीय पुलिस और प्रशासन
- मीडिया
- गैर-सरकारी संगठनों (NGOs)
- फैकल्टी और स्टाफ
के साथ नियमित समन्वय स्थापित करना होगा, ताकि शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान हो सके।
क्या है विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) भारत सरकार का एक सांविधिक निकाय है, जो देश में उच्च शिक्षा को विनियमित करने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने का कार्य करता है।
यूजीसी की स्थापना की अवधारणा आजादी से पहले रखी गई थी, जबकि इसका औपचारिक गठन 1953 में हुआ। आसान शब्दों में कहें तो यूजीसी एक वॉचडॉग और फाइनेंसर की भूमिका निभाता है।
यूजीसी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को मान्यता देता है। शिक्षा, शोध और परीक्षा के मानक तय करता है। उच्च शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। UGC-NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन करता है। यूजीसी का मुख्यालय नई दिल्ली के आईटीओ में स्थित है, जबकि देशभर में इसके 6 क्षेत्रीय केंद्र कार्यरत हैं।
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