मोइन अहमद की प्रेरणादायक कहानी: तीन बार असफल होने के बाद चौथे प्रयास में बने IAS अधिकारी
संघर्ष से सफलता तक का सफर

UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफल होने वालों की संख्या सीमित होती है। ऐसे में उन लोगों की सफलता की कहानियां ज्यादा प्रेरणादायक होती हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और असफलताओं के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है मोइन अहमद की, जिन्होंने लगातार तीन असफल प्रयासों के बाद चौथे प्रयास में UPSC परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर IAS अधिकारी बन गए।
प्रारंभिक जीवन और कठिनाइयों से जूझ
मोइन अहमद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के एक छोटे से गाँव से हैं। उनके पिता बस ड्राइवर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मध्यम से भी नीचे थी। बचपन में मोइन क्रिकेट खेलने के शौक़ीन थे, लेकिन गरीबी के कारण उन्हें ये सपने त्यागने पड़े। वे दिल्ली विश्वविद्यालय की पढ़ाई भी नहीं कर पाए क्योंकि आर्थिक दबावों ने उनके अवसर सीमित कर दिए।
UPSC की तैयारी की शुरुआत
मोइन ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया, लेकिन इसका रास्ता आसान नहीं था। 2019 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और पूर्णकालिक तैयारी के लिए दिल्ली स्थानांतरित हो गए। तैयारी के दौरान उन्हें कोचिंग, पढाई के संसाधनों और दैनिक खर्चों के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने परिवार से ऋण लेकर राशि जुटाई और जरूरत पड़ने पर दोस्तों तथा शुभचिंतकों से मदद भी ली।
तीन बार असफल, फिर भी नहीं हारा
मोइन ने UPSC की परीक्षा में तीन बार प्रयास किया, लेकिन हर बार सफलता उनके हाथ नहीं लगी। असफलताओं ने उनके आत्मविश्वास को कमजोर नहीं किया, बल्कि हर बार उन्होंने अपनी कमजोरियों का विश्लेषण किया और तैयारी की रणनीति में सुधार किया। अपने लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ मनोबल ने उन्हें निरंतर संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा दी।
चौथा प्रयास और सफलता
2022 में चौथे प्रयास में मोइन ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा के प्रीलिम्स से लेकर इंटरव्यू तक सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और All India Rank 296 हासिल करके IAS अधिकारी बन गए। यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण थी, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
संघर्ष से सीख
मोइन की कहानी यह साबित करती है कि कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि UPSC परीक्षा केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और रणनीति का परिणाम भी है।
निष्कर्ष
मोइन अहमद की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणादायक है जिसने UPSC या किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखा है। सीमित संसाधनों, आर्थिक दबाव और असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि कठिन इरादे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं।
Author Profile

- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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