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Railway News: रेलवे ने बदली बिहार की तस्वीर, 52 परियोजनाओं पर 29 हज़ार करोड़ से अधिक खर्च
दस साल में रेलवे का सुनहरा सफर

बिहार रेल डेस्क। भारतीय रेल ने पिछले एक दशक में बिहार के रेलवे ढांचे के विकास में ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। 2009-14 की तुलना में 2025-26 तक बजट आवंटन 9 गुना से अधिक बढ़ गया है, जबकि ट्रैक बिछाने और नई परियोजनाओं के कमीशनिंग की रफ़्तार 2.5 गुना से ज़्यादा तेज़ हुई है।
बजट आवंटन में 9 गुना वृद्धि
- 2009-14: औसत ₹1,132 करोड़ प्रति वर्ष
- 2025-26: ₹10,066 करोड़ प्रति वर्ष
रेल मंत्रालय के अनुसार यह बढ़ोतरी न केवल बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार दे रही है, बल्कि यात्री और माल परिवहन क्षमता में भी बड़ा उछाल ला रही है।
ट्रैक बिछाने की रफ़्तार में रिकॉर्ड
- 2009-14: 318 किमी नया ट्रैक (औसत 63.6 किमी/वर्ष)
- 2014-25: 1,899 किमी नया ट्रैक (औसत 172.6 किमी/वर्ष) – 2.5 गुना से अधिक वृद्धि
स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति (01 अप्रैल 2025 तक)
| श्रेणी | परियोजनाएँ (संख्या) | कुल लंबाई (किमी) | पूरी लंबाई (किमी) | अब तक व्यय (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| नई लाइन | 31 | 2,691 | 516 | 16,814 |
| गेज परिवर्तन | 1 | 69 | 52 | 544 |
| डबलिंग/मल्टी-ट्रैकिंग | 20 | 1,904 | 446 | 11,995 |
| कुल | 52 | 4,663 | 1,014 | 29,353 |
हाल में पूरी हुई प्रमुख परियोजनाएँ
- मुंगेर ब्रिज (19 किमी) – ₹2,774 करोड़
- पटना ब्रिज (40 किमी) – ₹3,555 करोड़
- कोसी ब्रिज (22 किमी) – ₹516 करोड़
- किउल–गया डबलिंग (123 किमी) – ₹1,200 करोड़
- अररिया–गलगलिया नई लाइन (111 किमी) – ₹4,415 करोड़
(कुल 14 प्रमुख परियोजनाएँ पूरी हुईं)
निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाएँ
- खगड़िया–कुशेश्वरस्थान नई लाइन – ₹1,511 करोड़
- विक्रमशिला–कटोरिया नई लाइन (गंगा पर पुल सहित) – ₹2,090 करोड़
- सोननगर–पतरातू मल्टी-ट्रैकिंग – ₹5,148 करोड़
- मुज़फ़्फ़रपुर–सगौली डबलिंग – ₹1,465 करोड़
(कुल 15 मुख्य परियोजनाएँ निर्माणाधीन)
हालिया सर्वेक्षण (2022-26)
- 77 सर्वेक्षण स्वीकृत – 13 नई लाइन, 64 डबलिंग
- कुल लंबाई: 3,991 किमी
प्रमुख सर्वेक्षण:
- दीन दयाल उपाध्याय–किउल 3rd/4th लाइन (390 किमी)
- छपरा–कटिहार 3rd/4th लाइन (450 किमी)
- गया–रफीगंज–डाल्टनगंज नई लाइन (137 किमी)
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बजट में यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी और परियोजनाओं की तेज़ रफ्तार बिहार को माल और यात्री परिवहन का बड़ा हब बनाने में मदद करेगी। साथ ही, नई कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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