
पटना। व्हाट्सएप ग्रुप या दूसरे सोशल माध्यमों से ग्रामीण इलाकों की जीविका दीदियों को जाएगा और एक सशक्त सूचना प्रणाली इजाद की जाएगी। ताकि शहर से गांव और गांव से शहर तक उत्पादन और बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना जीविका दीदियों तक फौरी तौर पर पहुंचे। यह आदेश ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने शुक्रवार को जारी किया। वे विभागीय अधिकारियों के साथ मुख्य सचिवालय स्थित विभागीय सभागार में तमाम योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
गांव की एक-एक जीविका दीदी को सूचना तकनीक जोड़ा जायेगा
प्रधान सचिव ने कहा कि गांव की एक-एक जीविका दीदी को सूचना तकनीक से जोड़ने के बाद उनके उत्पाद को सही बाजार मिल सकेगा। बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों की पहुंच दूसरे राज्य और विदेशों में भी संभव हो पाएगी। इस बैठक में जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), लोहिया स्वच्छ बिहार मिशन (एलएसबीए), जल जीवन हरियाली, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) आदि के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में पंकज कुमार ने जीविका के अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका दीदियों एवं दूसरे किसानों के हाथों तैयार होने वाले उत्पाद की पैकेजिंग एवं परचेजिंग की सुविधा ग्रामीण स्तर पर ही उपलब्ध कराएं।
एक करोड़ 56 लाख जीविका दीदियों को रोजगार
बैठक में जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने कई पहल किए हैं। एक करोड़ 56 लाख जीविका दीदियों को रोजगार शुरू करने के लिए सहयोग राशि दी गई है। रोजगार की समीक्षा के बाद उन्हें भविष्य में और दो लाख रुपए दिए जाने हैं ताकि इससे उनका रोजगार और बढ़े। उन्होंने जीविका समूह की योजनाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विस्तृत जानकारी दी।
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साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, मनरेगा, जल जीवन हरियाली मिशन के तहत राज्य स्तर पर चल रही योजनाओं की प्रगति को लेकर एक-एक बिंदुओं से प्रधान सचिव को रूबरू कराया। मुख्य रूप से महिलाओं को डेयरी उद्योग से जोड़ने, गांवों में पशुपालन को बढ़ावा देने, रोजगार के लिए इच्छुक महिलाओं को बैंकों से ऋण दिलाने, मरेगा के तहत मानव दिवस सृजन, जल जीवन मिशन में कुआं, पोखर, तालाब संरक्षण व संवर्धन, पौधरोपण, स्वच्छता कर्मियों के लिए मानदेय बढ़ाने और जीविका दीदियों को समूह से जोड़ने आदि विषयों पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
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बैठक में प्रधान सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार और पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योजना तैयार की जाए। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर कम से कम एक पैकेजिंग हाउस बनाने की योजना पर काम करने के लिए कहा।
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