बिहार के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई, प्रत्येक कॉलेज में 15 करोड़ का होगा निवेश
अब हर प्रखंड में होगी उच्च शिक्षा

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब राज्य के किसी भी प्रखंड के विद्यार्थियों को केवल इसलिए डिग्री की पढ़ाई से वंचित नहीं रहना पड़ेगा कि उनके क्षेत्र में कॉलेज नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को भागलपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में एक साथ पठन-पाठन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही बिहार के सभी 534 प्रखंडों में कम-से-कम एक डिग्री कॉलेज की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।
यह पहल राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत संचालित ‘उन्नति शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है।
अब हर प्रखंड में होगी उच्च शिक्षा
अब तक बिहार के 208 प्रखंड ऐसे थे, जहां एक भी डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं था। इसके कारण हजारों छात्र-छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों या जिलों का रुख करना पड़ता था। कई बार आर्थिक तंगी, लंबी दूरी और आवागमन की समस्याओं के कारण विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो जाते थे।
राज्य सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सात निश्चय-3 के तहत यह संकल्प लिया कि बिहार का कोई भी युवा केवल कॉलेज की अनुपलब्धता के कारण उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। इसी संकल्प को साकार करते हुए राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की योजना को धरातल पर उतारा गया है।
फिलहाल छह विषयों से शुरू हुई पढ़ाई
नवस्थापित सभी 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों में फिलहाल छह प्रमुख विषयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की गई है।
- हिन्दी
- अंग्रेजी
- इतिहास
- अर्थशास्त्र
- राजनीति विज्ञान
- समाजशास्त्र
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार आगामी कुछ महीनों में आवश्यक संसाधन और शिक्षकों की नियुक्ति पूरी होने के बाद अन्य विषयों की भी पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।
शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया शुरू
राज्य सरकार ने सभी नए महाविद्यालयों में प्राचार्यों की नियुक्ति कर दी है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी विलंब के शुरू हो सकें। इसके अलावा प्रत्येक कॉलेज में 32 शिक्षकों और 12 शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति पूरी होने के बाद इन कॉलेजों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं तथा अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
पहले चरण में किराए और सरकारी भवनों से शुरू हुआ संचालन
सरकार ने विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए पहले चरण में इन महाविद्यालयों का संचालन किराए के भवनों अथवा उपलब्ध सरकारी भवनों से शुरू किया है। साथ ही पुराने भवनों के जीर्णोद्धार, मरम्मत, फर्नीचर तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रत्येक कॉलेज को 50 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को शीघ्र बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
प्रत्येक कॉलेज पर लगभग 15 करोड़ रुपये का निवेश
उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने प्रत्येक नए राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। चरणबद्ध तरीके से इन कॉलेजों के लिए स्थायी भवन, आधुनिक कक्षाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, खेल सुविधाएं तथा अन्य शैक्षणिक संसाधन विकसित किए जाएंगे।
ग्रामीण और गरीब विद्यार्थियों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
राज्य सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा। अब उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़े शहरों में किराए पर रहने या प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे शिक्षा पर होने वाला खर्च कम होगा और अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
विशेष रूप से छात्राओं के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि घर के निकट कॉलेज उपलब्ध होने से उनकी उच्च शिक्षा जारी रखने की संभावनाएं बढ़ेंगी और बालिका शिक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी।
सात निश्चय-3 के शिक्षा संकल्प को मिली नई दिशा
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के अंतर्गत ‘उन्नति शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम की शुरुआत इस उद्देश्य से की थी कि बिहार के प्रत्येक युवा को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू होने के साथ ही सरकार का यह महत्वपूर्ण लक्ष्य साकार हो गया है।
सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा की आसान उपलब्धता से न केवल युवाओं का शैक्षणिक स्तर बढ़ेगा, बल्कि राज्य में कुशल मानव संसाधन तैयार होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बिहार के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। आने वाले समय में इन कॉलेजों में अन्य विषयों, आधुनिक पाठ्यक्रमों और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार कर इन्हें पूर्ण विकसित उच्च शिक्षण संस्थानों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 16, 2026क्राइमChhapra Crime News: सारण में हुई रोहित हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
- August 16, 2026बिहारSmart Meter Rollout: बिहार में 1.30 करोड़ और उपभोक्ताओं के घर लगेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर
- August 15, 2026क्राइमसारण में बोलबम की आड़ में अंतरजिला शराब तस्करी का भंडाफोड़, लाखों की अंग्रेजी शराब के साथ 8 गिरफ्तार
- August 15, 2026छपराट्रायल में ही फेल हुआ रिविलगंज का विद्युत शवदाह गृह, करोड़ों की योजना, पहला टेस्ट में ही फेल



