छपरा में वीरों का महाकुंभ: 550 पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के सम्मान में आयोजित हुआ शौर्य संबंध समारोह
सैनिक जीवनभर सैनिक ही रहता है: मेजर जनरल

छपरा। राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके परिवारों के सम्मान में मंगलवार को सारण जिला मुख्यालय स्थित भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित “शौर्य संबंध समारोह” भावनाओं, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का साक्षी बना। समारोह में झारखंड एवं बिहार सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि “सैनिक चाहे वर्दी में हो या सेवानिवृत्त हो चुका हो, एक बार सैनिक बनने के बाद वह जीवनभर सैनिक ही रहता है।”
कार्यक्रम में लगभग 550 पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीरांगनाएं एवं उनके आश्रित परिवारों ने भाग लिया। समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सैनिक बोर्ड, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
‘बिहार वीरों की भूमि है’
अपने संबोधन में मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने कहा कि वयोवृद्ध सम्मान योजना और वीरांगना सम्मान जैसे कार्यक्रम समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सदियों से वीरों की भूमि रहा है और यहां के सैनिकों ने देश की सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया है।
उन्होंने देश की रक्षा में शहीद हुए और सेवा देने वाले सभी सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और समर्पण ने भारत का गौरव विश्वभर में बढ़ाया है।
10 वीरांगनाएं और 27 वयोवृद्ध सैनिक हुए सम्मानित
समारोह के दौरान सैनिकों के परिवारों के योगदान को सम्मानित करते हुए 10 वीरांगनाओं को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं वयोवृद्ध सम्मान योजना के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु के 27 पूर्व सैनिकों को राष्ट्र सेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानित पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच अभिनंदन किया।
सैनिकों के त्याग को किया नमन
समारोह को संबोधित करते हुए सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि छपरा की ऐतिहासिक धरती पर पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैनिक परिवारों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की मिसाल रहे सैनिक समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने बिहार सरकार द्वारा सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए वयोवृद्ध सम्मान योजना तथा वीरांगनाओं को सम्मानित करने जैसी पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं।
सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
जिलाधिकारी ने कहा कि सेवा से लौटने के बाद कई पूर्व सैनिकों को पुनर्वास, भूमि विवाद, पेंशन और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, छपरा पेंशन, भूमि विवाद और अन्य मामलों के समाधान के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है।
पेंशन और भूमि विवाद के मामलों में मिली सफलता
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 19 पारिवारिक पेंशन के मामलों में से 14 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं पिछले छह माह में प्राप्त भूमि विवाद के 88 मामलों में से 56 मामलों का सफल समाधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए पुलिस हेल्प डेस्क भी कार्यरत है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ताओं द्वारा उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सहयोग शिविर से मिल रहा त्वरित समाधान
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री के ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम को जनसमस्याओं के समाधान की प्रभावी पहल बताते हुए कहा कि नागरिक 1100 हेल्पलाइन, सहयोग शिविर पोर्टल और प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सारण जिले की 160 पंचायतों से प्राप्त शिकायतों में लगभग 96 प्रतिशत मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है, जो प्रशासन की जवाबदेही और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रभक्ति का संदेश देने वाला आयोजन
समारोह के अंत में जिलाधिकारी ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने भी इस सम्मान समारोह को यादगार बताते हुए जिला प्रशासन और सेना का आभार व्यक्त किया।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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