बिहार

बिहार में जमीन खरीदने पर महिलाओं को मिलेगा अतिरिक्त छूट, जमीन अधिग्रहण पर बढ़ा मुआवजा

वर्षों बाद एमवीआर का हुआ बड़ा पुनर्निर्धारण

Bihar Jamin sale and Buy: बिहार सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद अब महिलाओं को अपने नाम पर संपत्ति निबंधन कराने पर पहले से अधिक रियायत मिलेगी। वहीं, प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य (एमवीआर) के व्यापक पुनर्निर्धारण से भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार के इस निर्णय को राज्य में महिला सशक्तिकरण, भूमि बाजार में पारदर्शिता और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

महिलाओं को संपत्ति निबंधन में मिलेगी अधिक छूट

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार अब यदि कोई भूमि अथवा संपत्ति विक्रय पत्र या दान पत्र के माध्यम से महिला के नाम पर निबंधित की जाती है, तो उसे कुल 0.5 प्रतिशत की रियायत मिलेगी। पहले यह रियायत 0.4 प्रतिशत थी।

पूर्व व्यवस्था के तहत महिलाओं को स्टांप शुल्क में 0.3 प्रतिशत और निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद महिलाओं को संपत्ति खरीदने और अपने नाम पर निबंधित कराने के लिए अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जिससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वर्षों बाद एमवीआर का हुआ बड़ा पुनर्निर्धारण

राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य (एमवीआर) का भी व्यापक पुनर्निर्धारण किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एमवीआर को वर्तमान दर से 1.6 गुना तथा शहरी एवं पेरिफेरल क्षेत्रों में 2 गुना तक बढ़ा दिया गया है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

सरकार ने यह भी तय किया है कि अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एमवीआर में स्वतः 5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इसके अलावा हर तीन वर्ष पर व्यापक समीक्षा और पुनरीक्षण किया जाएगा।

पुनरीक्षण के दौरान नई सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, शहरी विस्तार, हवाई अड्डे, रेलवे परियोजनाएं, सिंचाई योजनाएं और अन्य विकास कार्यों को आधार बनाया जाएगा, ताकि भूमि का मूल्य वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप निर्धारित हो सके।

किसानों को मिलेगा हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा

एमवीआर बढ़ने का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलने वाला है। राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को अब पहले की तुलना में 3,740 करोड़ रुपये अधिक मुआवजा मिलेगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान एमवीआर के आधार पर भूमि अधिग्रहण का अनुमानित मुआवजा 14,897 करोड़ रुपये था, जो नई दरों के लागू होने के बाद बढ़कर 18,637 करोड़ रुपये हो जाएगा।

वहीं केंद्र सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में किसानों को 14,831 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पहले जहां कुल देय मुआवजा 24,629 करोड़ रुपये था, वहीं नई दरों के बाद यह बढ़कर 39,460 करोड़ रुपये हो जाएगा।

भूमि श्रेणियों का किया गया सरलीकरण

भूमि वर्गीकरण को भी अधिक सरल और व्यवस्थित बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण एवं पेरिफेरल क्षेत्रों में भूमि की कुल 7 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जबकि शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में 6 श्रेणियां तय की गई हैं।

सरकार का मानना है कि इससे भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवहारिक बनेगी तथा निबंधन और अधिग्रहण से जुड़े मामलों में विवादों की संभावना भी कम होगी।

राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं को अतिरिक्त निबंधन छूट, एमवीआर में वृद्धि और भूमि मूल्यांकन प्रणाली के सरलीकरण से राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलेगी। साथ ही किसानों को बेहतर मुआवजा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक संतुलित और प्रभावी बन सकेगी।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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