
पटना। पुलिस महकमा के डॉग स्कॉयड (स्वान दस्ता) को सुदृढ़ करने पर खासतौर से ध्यान दिया जा रहा है। हाल में खासतौर से प्रशिक्षित 30 स्वानों को शामिल किया गया है। इससे मौजूदा समय में स्वान की संख्या बढ़कर 96 हो गई है। इस स्वान दस्ते स्वानों के स्वीकृत पद की संख्या 200 है। इसमें 96 प्रशिक्षित स्वान मौजूद हैं। आगामी वर्ष तक 50 नए स्वानों को इस दस्ते में जोड़ने की योजना है। इसके बाद स्वान दस्ता में इनकी संख्या बढ़कर 146 हो जाएगी।
स्वान दस्ता सीआईडी के अधीन आता है।
वर्तमान में विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वानों को दरभंगा एवं पूर्णिया स्थित हवाईअड्डा के अलावा पटना मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था में 2-2 की संख्या में तैनात किया गया है। इसके अलावा जिन सीमावर्ती जिलों में कैनेल (कुत्तों के रहने वाले विशेष स्थान) की व्यवस्था है, वहां भी 1-1 की संख्या में इन स्वानों की तैनाती कर दी गई है।
साथ ही पटना में वीआईपी चेकिंग जैसे अतिमहत्वपूर्ण कार्यों के लिए 8 स्वान को अलग से रखा गया है। इन सभी स्वानों की तैनात अलग-अलग कार्यों में खासतौर से की गई है।
अगले वर्ष तक 150 करने की योजना
डॉग स्कॉयड में प्रशिक्षित स्वानों की संख्या को बढ़ाकर वर्ष 2027 तक 150 करने की योजना है। इसे लेकर सीआईडी के स्तर पर कवायद तेजी से चल रही है। इस वर्ष जून-जुलाई में 50 नए स्वान के खरीद की प्रक्रिया पूरी करके इन्हें हर तरह से प्रशिक्षित करने के लिए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास मौजूद मोइनाबाद स्थित आईआईटीए (इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस ट्रेनिंग एकेडमी) में प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
करीब एक वर्ष का विशेष प्रशिक्षण इन्हें देने के बाद सभी स्वान को बिहार पुलिस के स्वान दस्ते में शामिल किया जाएगा। यानी अगले वर्ष जुलाई-अगस्त तक इनके शामिल होने की संभावना है। वर्तमान में 96 स्वान राज्य के स्वान दस्ते में मौजूद हैं। इस तरह अगले वर्ष तक बिहार के स्वान दस्ते में इनकी संख्या करीब 150 तक होने की संभावना है।
इससे संबंधित प्रक्रिया जारी है। स्वान की जिन प्रजातियों को शामिल किया जाता है, उसमें एलसीसी, जर्मन शेफर्ड और लैबराडॉग मुख्य रूप से हैं।
स्वान दस्ता में संख्या बढ़ने से ये होंगे फायदे
पुलिस महकमा के डॉग स्कॉयड में स्वानों की संख्या बढ़ने से अनुसंधान बेहतरीन तरीके से होने के साथ ही वीआईपी चेकिंग समेत अन्य तरह की चेकिंग में खासतौर से मदद मिलेगी। सभी प्रमुख स्थानों पर चेकिंग की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में प्रशिक्षित स्वान की भूमिका काफी अहम होती है। कई कांडों के अनुसंधान में भी इनकी भूमिका अहम होती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
हाल में विशेष तौर से प्रशिक्षित 30 नए स्वान को डॉग स्कॉयड में शामिल किया गया है। अगले वर्ष तक स्वान दस्ते में इनकी संख्या 150 तक करने की योजना है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सभी स्वान को खासतौर से मोइनाबाद स्थित ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षित करने के बाद ही दस्ते में शामिल किया जाता है। अच्छे नस्ले के स्वान की खरीद करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
पारसनाथ (एडीजी, सीआईडी, बिहार पुलिस)
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- अंकिता कुमारी पत्रकारिता की छात्रा हैं। वर्तमान में वह संजीवनी समाचार डॉट कॉम के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं और समाचार लेखन व फील्ड रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है।
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