Railway News: अब कोहरे में भी नहीं थमेगी ट्रेनों की रफ्तार, GPS आधारित फॉग-सेफ डिवाइस से बढ़ी ट्रेन स्पीड क्षमता
कोहरे में सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए 980 फॉग सेफ डिवाइस की व्यवस्था

छपरा। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही उत्तर भारत में कोहरे का असर तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे रेल परिचालन सबसे अधिक प्रभावित होता है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु संचालन रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी मंडल सहित पूरे रेल नेटवर्क में व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रेलवे ने आधुनिक तकनीक, विशेषकर GPS आधारित फॉग-सेफ डिवाइस, के उपयोग से कोहरे में भी तेज़ और सुरक्षित ट्रेन संचालन को नया आयाम दिया है।
सिग्नल से लेकर समपारों तक—दृश्यता बढ़ाने के उपाय पूरे
कोहरे के दौरान कम दृश्यता सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई कार्य प्राथमिकता से पूरे किए हैं। सभी प्रकार के सिग्नल पोस्टों पर ल्यूमिनस स्ट्रिप लगाई गई है। सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग की गई, ताकि कम दृश्यता में भी सिग्नल साफ़ दिखाई दें। सभी समपार गेटों के बैरियर पर ल्यूमिनस स्ट्रिप लगाकर सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। ये प्रयास सुनिश्चित करते हैं कि लोको पायलट कोहरे में भी सिग्नल और पटरियों की स्थिति को आसानी से समझ सकें।
फॉग-सेफ डिवाइस: कोहरे में ट्रेन संचालन की ‘गेम चेंजर’ तकनीक
GPS आधारित फॉग-सेफ डिवाइस ने रेलवे संचालन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इस तकनीक के आने से कोहरे के दौरान अधिकतम अनुमेय गति 60 किमी/घंटा से बढ़कर 75 किमी/घंटा हो गई है। यानी 25% अधिक रफ्तार से अब ट्रेनें सुरक्षित रूप से चल सकती हैं। लोको पायलटों को अगले सिग्नल और ट्रैक की स्थिति की रीयल-टाइम जानकारी डिवाइस के माध्यम से मिलती रहती है। पहले की तरह अब फॉग सिग्नल मैन भेजने की आवश्यकता नहीं है। वाराणसी मंडल में 415 फॉग-सेफ डिवाइस उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिन्हें सभी यात्री व मालगाड़ियों में उपयोग में लिया जा रहा है।
लोको पायलटों की काउंसलिंग और सुरक्षा निर्देश
कोहरे में सुरक्षित संचालन के लिए सभी लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलटों की काउंसलिंग की गई है। उन्हें पूर्ण ब्लॉक और स्वचालित ब्लॉक पद्धति में पालन किए जाने वाले सभी दिशा-निर्देश समझाए गए हैं। सभी ट्रेनों में फॉग पास डिवाइस का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित किया गया है।
पटरियों की पेट्रोलिंग और विशेष अभियान
रेलवे प्रशासन ने कोहरे के दौरान सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए विशेष अभियान चलाया है सभी महत्वपूर्ण रेलखंडों पर पटरियों की सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। कोहरे में दृश्यता कम होने और सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की गति में नियमानुसार कमी की जाती है। जिसके चलते लाइन क्षमता घटती है, और इसी कारण कुछ ट्रेनों की संख्या भी कम करनी पड़ती है।
कोहरा हो या कोई चुनौती, रेलवे पूरी तरह तैयार
रेलवे का स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सहज यात्रा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्नत तकनीक, तैयारियों और सतर्क मॉनिटरिंग के साथ रेलवे इस सर्दी में भी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
करियर – शिक्षाJune 28, 2026JPU Admission Online: जेपीयू में BCA, BBA, BMC सहित कई प्रोफेशनल कोर्सों में नामांकन का मौका
क़ृषिJune 28, 2026Fish Farming: आधुनिक तकनीक से मछली पालन सीखेंगे 3 हजार किसान, ऑनलाइन आवेदन से होगा चयन
बिहारJune 28, 2026Electric Vehicle: बिहार में EV की रफ्तार हुई सुपरफास्ट, पांच साल में 10 गुना बढ़ी Electric वाहनों की खरीद
TechnologyJune 28, 2026Social Media: फेक न्यूज और आपत्तिजनक पोस्ट पर डिजिटल स्ट्राइक, 128 FIR दर्ज, 9 चैनल डिलीट







