देश

किसान आंदोलन ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे और कई मार्गों को भी प्रभावित किया.

विभिन्न किसान संगठन दिल्ली कूच आह्वान के तहत आगे बढ़ रहे हैं. इसके बाद गौतमबुद्ध नगर से दिल्ली जाने वाले सभी बॉर्डर पर सुरक्षा सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है. मंगलवार सुबह से ही गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में डीसीपी नोएडा विद्यासागर मिश्र और एडीसीपी नोएडा मनीष कुमार मिश्र ने पुलिस बल को चिल्ला बार्डर सहित अन्य स्थानों पर आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए देखा गया।

नोएडा: किसान आंदोलन के चलते, ग्रेटर नोएडा के सभी बॉर्डर पर सेकंड चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। गौतमबुद्ध नगर से दिल्ली को जोड़ने वाले सभी बॉर्डर पर बैरिकेड लगाकर कड़ी निगरानी की जा रही है। इससे ट्रैफिक प्रणाली पर काफी दबाव आ रहा है। यातायात दबाव बढ़ने पर यातायात डायवर्जन किया जाता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दिल्ली जाने वाले आमजन यातायात असुविधा से बचने के लिए मेट्रो का अधिक से अधिक प्रयोग करें. यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर दिल्ली जाने वाले तथा सिरसा से परी चौक होकर सूरजपुर जाने वाले मार्ग पर सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों का आगमन प्रतिबन्धित रहेगा. वाहन चालक यातायात असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गां का प्रयोग कर गन्तव्य की ओर जा सकते हैं.

नोएडा सेक्टर 93 से दिल्ली के लक्ष्मीनगर में एक शोरूम में काम करने वाली मोनिका का कहना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए काफी आसान रहता है, लेकिन इस किसान आंदोलन के चलते उन्हें काफी ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, अपने ऑफिस पहुंचने के लिए उन्हें आम समय से करीब एक घंटा पहले निकालना पड़ता है और कई बार घंटो जाम में जूझना भी पड़ता है.
ऐसे ही हजारों लोग हैं जो अपने वाहनों से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नोएडा से दिल्ली पहुंचते हैं और उसके लिए चिल्ला बॉर्डर मुख्य मार्ग है. यहां पर किसान आंदोलन के चलते कई बार लोगो को जाम से जूझना पड़ता है.

Author Profile

Himanshu Yadav

advertisement

Related Articles

Back to top button