
लखीसराय। कहते हैं इश्क करने वाला इंसान मोहब्बत के नशे में सुध-बुध खो देता है. और अगर ये इश्क या यूं कहें कि प्यार एक तरफा हो तो आशिक किसी भी हद तक जा सकता है. वो किसी की जान ले भी सकता है और जान दे भी सकता है. एक ऐसा हीं मामला बिहार के लखीसराय से सामने आया है। जहां पागल आशिक ने अपनी प्रेमिका समेत एक परिवार के छह लोगों को गोलियों से भून दिया।
जिसमें प्रेमिका समेत तीन लोगों की मौत हो गयी। छह लोगों को गोली मारने वाले आरोपी आशीष कुमार उर्फ छोटू की डायरी के 15 पन्नों से हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है. 15 पन्नों में दोनों के बीच के 5 साल के रिश्ते की पूरी वारदात सिलसिलेवार तरीके से लिखी गई है. साजिश और इश्क की कहानी कहते पन्नों में हत्याकांड के आरोपी आशीष कुमार उर्फ छोटू ने कई सनसनीखेज दावे किए हैं.
सिनेमाई अंदाज में लिखी आपबीती में उसने लिखा है कि लखीसराय के कवैया थाना के पंजाबी मोहल्ले में उसका परिवार रहता था. वहीं पड़ोस में दुर्गा झा भी रहती थी. दोनों में करीब 5 साल पहले किशोरावस्था में ही प्रेम हो गया. इस बीच लड़की के परिवार वालों को जब इस इश्क का पता चला तो लड़की पर पहरे बिठा दिया गया. हालांकि लड़की ने आशीष पर दबाव बनाया कि वह उसे लेकर कहीं दूर भाग जाए.
लड़की की जिद्द के आगे मजबूर आशीष उसे लेकर पटना चला आया. लड़की ने ही उसे बताया था कि उसे गर्ल्स होस्टल में रखवा दे. उसने वैसा ही किया. दुर्गा झा हॉस्टल में रहने लगी और आशीष उससे सप्ताह में 2 दिन मिल लेता. लेकिन 2 महीने बाद ही दुर्गा झा फिर जिद्द करने लगी कि उसे अब हॉस्टल में नहीं रहना. अंत में मजबूर होकर आशीष ने पटना के नाला रोड में एक कमरा लिया और वहीं किराए के मकान में रहने लगे. आपबीती में आशीष लिखता है कि बाप के राज में मैंने खूब फुटानी की लेकिन अब दुर्गा झा को खुश रखने के लिए उसने पटना में ऐसे ऐसे काम किए जिसे बताने में भी शर्म आती है.
यह सब इसलिए किया ताकि ज्यादा पैसे हों और दुर्गा खुश रहे. इस बीच, दोनों ने शादी ही कर ली. लेकिन लड़की ने उसके बाद आशीष से कहा कि वह उसके माँ-बाप को फोन कर कहे कि कम्प्यूटर डिविजन से बोल रहे हैं. आपकी बेटी यहां एग्जाम में पास कर गई है. पटना में पढ़ाना चाहते हैं तो यहां सबकुछ निःशुल्क है. खाना, पीना, रहना, पढ़ना सब फ्री है. हालांकि इस बीच लड़के को पता चला कि दुर्गा के माँ-बाप से उसकी बात होती है. इस बीच, दुर्गा के परिवार वाले पटना में आशीष से मिले और कहे कि हम चाहते हैं कि तुम दोनों की शादी हो जाए. लेकिन समाज में हमारी इज्जत है.
इसलिए हमें और लोगों से बात करनी होगी. हमें 1 साल का टाइम दीजिये. इस दौरान दुर्गा के परिवार वालों ने शर्त रखी कि तुम दोनों जब तक चाहो साथ में रहो लेकिन तुम दोनों को बच्चा नहीं होना चाहिए. इस दौरान लड़की उसकी पत्नी के रूप में पटना में उसके साथ ही रह रही थी.
आशीष लिखता है कि वर्ष 2018 में जब छठ मनाने दोनों लखीसराय आए तो इसी दौरान आशीष को पता चला कि वह किसी सुमित नाम के लड़के से फोन पर बात करती है. पूछने पर दुर्गा ने सुमित को अपना दूर का भाई बताया. जबकि सच्चाई यह थी कि सुमित से भी दुर्गा का इश्क चल रहा था. उसी दौरान दुर्गा भागलपुर गई और जबरन आशीष को वहां से जाने से रोक दिया. इसे लेकर दोनों में झगड़ा भी हुआ.
दुर्गा वहां से गई तो उसका फोन भी 3 दिन बंद रहा. इससे परेशान आशीष ने जब दुर्गा के माँ को फोन किया तो उसने बताया कि उसका कोई मामा भागलपुर में नहीं रहता है. फिर अचानक से पटना में दुर्गा लौटती है और तरह तरह की बातें बनाती है. दुर्गा पर संदेह के बदले इश्क में पागल आशीष उसकी सारी बातें सच मान लेता है.
इस बीच पटना में ही दुर्गा एक ज्वेलरी शोरुम में नौकरी करने लगती है. नौकरी करते हुए दुर्गा का बर्ताब अब आशीष के लिए बदले लगा. इस बीच अचानक से आशीष के फोन पर एक फोन आया कि तुम्हारे व्हाट्सअप पर कुछ फोटो भेजा हूँ. फोटो देखते ही आशीष के होश उड़ गए.
जिस दुर्गा को जी जान से चाहता था वह दुर्गा एक गैर मर्द के साथ हम बिस्तर थी. अपनी पत्नी को दूसरे मर्द के साथ बिस्तर पर देख आशीष का होश उड़ गया. फिर फोटो भेजने वाले ने बताया कि उसका नाम सुमित है. वह उसकी पत्नी से 3 साल से जानता हूँ और मुझसे शादी का वादा किया था. यह सुनते ही आशीष को अपने साथ हो रहे साजिश का पता चला.
वहीं गुस्से में आशीष ने जब दुर्गा से यह सब बताया तो उसने कहा गलती हो गई. इस बीच सुमित बार बार फोन कर परेशान करने लगा. हालांकि पत्नी के प्यार में पागल आशीष ने उसकी गलती माफ़ कर दी. इस बीच, 14 मार्च 2021 की रात अचानक से दुर्गा गाली गलौज करने लगी. आशीष को लेकर जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने लगी. और इसमें दुर्गा के परिवार वाले भी साथ देते रहे.
पत्नी की इसी बेवफाई से मानसिक रूप से परेशान आशीष करीब एक साल तक में पहले 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन किया. फिर 19 नवंबर 2023 को लखीसराय के अशोकधाम मंदिर जाकर वहां भगवान भोलेनाथ की पूजा की. अंत में 20 नम्वबर 2023 की सुबह छठ पूजा से लौट रहे दुर्गा झा और परिजनों को गोलियों से भून दिया.
उसके हाथ में 762 बोर का पिस्टल था, जिसमें 13 गोली थी। छठ घाट से घर के पास आते ही उसने गोलीबारी शुरू कर दी। पहले उसने पत्नी दुर्गा झा को गोली मारी। उसके बाद दुर्गा के दो भाइयों चंदन कुमार (42) और राजनंदन कुमार (40) पुत्र शशिभूषण झा को गोली मारी। छह लोगों में अब तक 3 की मौत हो चुकी है.
वहीं घटना को अंजाम देने के बाद डायरी के मुताबिक युवक ने आत्महत्या का भी प्रयास किया, लेकिन गोली मिस फायर हो गई.
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