छपरा के धनकुबेर इंजीनियर की 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा, पटना से लेकर मुंबई तक फैला साम्राज्य
अधीक्षण अभियंता के छह ठिकानों पर एसवीयू की छापेमारी

छपरा। आय से अधिक संपत्ति के मामले में राज्य की विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने लघु जल संसाधन विभाग के छपरा (सारण) अंचल के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसवीयू की टीम ने एक साथ छह ठिकानों पर छापेमारी कर तलाशी ली, जिसमें अब तक 3 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपये से अधिक की संदिग्ध अवैध संपत्ति का खुलासा होने की बात सामने आई है। तलाशी के दौरान 77 लाख 96 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, महंगी वस्तुएं और बड़ी संख्या में जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
एसवीयू के अनुसार, जांच अभी जारी है और तलाशी एवं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संपत्ति का कुल आंकड़ा बढ़ सकता है। मामले को लेकर एसवीयू थाना में कांड संख्या 25/2026 दर्ज किया गया है। कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत की जा रही है।
छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
एसवीयू की टीम ने राजेंद्र कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें पटना के बेउर थाना क्षेत्र स्थित महावीर कॉलोनी का आवास, जक्कनपुर थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में स्थित उनके ससुराल का मकान, मुंबई के गोरेगांव स्थित एसबीआई ऑफिसर क्वार्टर में उनकी बहन एवं बहनोई का आवास, छपरा स्थित सरकारी कार्यालय, पटना के शेखपुरा स्थित जल भवन का कार्यालय तथा गोपालगंज के मुहम्मदपुर थाना क्षेत्र के हाकम गांव स्थित पैतृक आवास शामिल हैं।
एक साथ की गई इस कार्रवाई के दौरान घरों और कार्यालयों में रखे दस्तावेज, नकद और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
घर से 77.96 लाख रुपये नकद बरामद
तलाशी के दौरान राजेंद्र कुमार के आवास से 77 लाख 96 हजार रुपये नकद बरामद होने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और अन्य महंगी वस्तुएं भी मिलने की बात सामने आई है। एसवीयू अब बरामद नकदी और अन्य संपत्तियों के स्रोत का सत्यापन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियां और नकदी घोषित आय के अनुरूप हैं या नहीं।
16 से अधिक जमीन-जायदाद के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान अधीक्षण अभियंता की माता सुनैना देवी, पत्नी कंचन कुमारी समेत अन्य परिजनों के नाम पर 16 से अधिक जमीन-जायदाद के दस्तावेज बरामद होने की जानकारी दी गई है।
एसवीयू के अनुसार, इन संपत्तियों का खरीद मूल्य 3 करोड़ 34 लाख 57 हजार रुपये से अधिक बताया गया है। ये जमीनें पटना, नवादा, गोपालगंज समेत अन्य स्थानों पर होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी दस्तावेजों का सत्यापन कर यह पता लगा रही है कि इन संपत्तियों की खरीद कब, किस स्रोत से और किन परिस्थितियों में की गई।
सोनपुर में दो प्लॉट के दस्तावेज भी मिले
तलाशी के दौरान सोनपुर में दो प्लॉट की खरीद से संबंधित दस्तावेज भी मिलने की बात एसवीयू ने कही है। इन दोनों प्लॉट के लिए 57 लाख रुपये के भुगतान की रसीद बरामद हुई है। जांच एजेंसी अब इन भुगतानों के स्रोत और संबंधित बैंक लेन-देन की जांच कर रही है।
छह बैंक खातों की भी जांच
एसवीयू को तलाशी के दौरान छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इन खातों में लाखों रुपये जमा होने की बात सामने आई है। इन बैंक खातों के लेन-देन, आय के स्रोत और संबंधित संपत्तियों की खरीद के बीच संभावित वित्तीय संबंधों की जांच की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
3.01 करोड़ से अधिक की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा
एसवीयू के मुताबिक, अब तक की जांच में 3 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है, जिसे आय से अधिक संपत्ति के मामले में संदिग्ध माना जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि छापेमारी और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। इसलिए बरामद संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन और आय के अनुपात से संबंधित निष्कर्ष आगे की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच पूरी होने पर बढ़ सकता है आंकड़ा
एसवीयू के अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार के अनुसार, मामले में तलाशी और जांच की प्रक्रिया जारी है। अब तक सामने आई संपत्ति प्रारंभिक जांच का हिस्सा है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। एजेंसी नकदी, जमीन, बैंक खातों, आभूषण और अन्य परिसंपत्तियों की जानकारी को एकत्र कर राजेंद्र कुमार की ज्ञात आय से उसका मिलान कर रही है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज हुआ केस
अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के खिलाफ एसवीयू थाना में कांड संख्या 25/2026 दर्ज की गई है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस मामले के अनुसंधानकर्ता डीएसपी राजन प्रसाद सिंह हैं। जांच के दौरान बरामद दस्तावेजों, नकदी और बैंक लेन-देन को साक्ष्य के रूप में परखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा
एसवीयू की यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई कार्रवाई के रूप में सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि अधीक्षण अभियंता के पास मौजूद संपत्तियां उनकी वैध आय के अनुपात में हैं या नहीं और यदि नहीं, तो इनके अर्जन का स्रोत क्या है।
छापेमारी में सामने आई प्रमुख जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आरोपी अधिकारी | राजेंद्र कुमार |
| पद | अधीक्षण अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, छपरा अंचल |
| छापेमारी | 6 ठिकानों पर |
| अब तक संदिग्ध संपत्ति | ₹3.01 करोड़ से अधिक |
| नकद बरामद | ₹77.96 लाख |
| जमीन-जायदाद के दस्तावेज | 16 से अधिक |
| संपत्तियों का बताया खरीद मूल्य | ₹3.34 करोड़ से अधिक |
| सोनपुर के दो प्लॉट | ₹57 लाख भुगतान की रसीद |
| बैंक खाते | 6 |
| केस | SVU थाना कांड संख्या 25/2026 |
| अनुसंधानकर्ता | डीएसपी राजन प्रसाद सिंह |
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