क्राइमछपरा

Chhapra Crime News: निर्माणाधीन मकान बना था ‘गन फैक्ट्री’, पुलिस की दबिश में खुला बड़ा राज

दो पिस्टल और चार मैगजीन बरामद

छपरा। सारण पुलिस ने अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गढ़खा थाना क्षेत्र के साधपुर गांव में संचालित एक कथित मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने निर्माणाधीन मकान से दो देसी पिस्टल, चार मैगजीन, हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका एक साथी खेतों के रास्ते फरार हो गया।

पुलिस अब इस अवैध हथियार निर्माण नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विनीत कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रामपुकार सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।

गुप्त सूचना पर तत्काल गठित की गई पुलिस टीम

गढ़खा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के साधपुर चंवर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और वहां अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना समय गंवाए निर्माणाधीन मकान की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

पुलिस टीम को देखते ही वहां मौजूद दो व्यक्ति भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उनका पीछा किया। काफी मशक्कत के बाद परसा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव निवासी विकास कुमार शर्मा को पकड़ लिया गया, जबकि उसका एक साथी खेतों के रास्ते भागने में सफल रहा। फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

निशानदेही पर हुई तलाशी, मिला हथियारों का जखीरा

गिरफ्तार विकास शर्मा से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर निर्माणाधीन मकान की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को दो देसी पिस्टल, चार मैगजीन, हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न उपकरण, मशीनें और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली।

बरामद सभी सामानों को पुलिस ने जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पिस्टल पूरी तरह तैयार अवस्था में थीं या निर्माणाधीन थीं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि मौके पर किस प्रकार के हथियार बनाए जाते थे और उनकी गुणवत्ता क्या थी।

पहले भी जेल जा चुका है गिरफ्तार आरोपित

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार विकास कुमार शर्मा का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह लंबे समय से हथियार तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है या नहीं।

मकान मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में

 पुलिस यह जांच कर रही है कि मकान मालिक की इस अवैध कारोबार में क्या भूमिका थी। क्या उसकी जानकारी में हथियार बनाए जा रहे थे या किसी अन्य व्यक्ति ने निर्माणाधीन भवन का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया था। जांच के आधार पर मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी और एएसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

मामले की सूचना मिलते ही सारण के एसएसपी विनीत कुमार और एएसपी रामपुकार सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने निर्माणाधीन मकान का बारीकी से निरीक्षण किया और छापेमारी में शामिल पुलिस अधिकारियों से पूरी जानकारी ली।

उन्होंने आसपास के इलाके का भी निरीक्षण किया और जांच को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने पुलिस टीम को पूरे नेटवर्क का जल्द खुलासा करने और फरार आरोपित की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माणाधीन मकान में कब से अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा था और इसके तार किन अपराधियों या गिरोहों से जुड़े हैं। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यहां तैयार किए गए हथियारों की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी और इन्हें खरीदने वाले कौन लोग थे। गिरफ्तार विकास शर्मा से लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके बयान के आधार पर फरार साथी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

जांच के बाद होगा पूरे नेटवर्क का खुलासा

गढ़खा थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि बरामद हथियार, मैगजीन और हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला मिनी गन फैक्ट्री से जुड़ा प्रतीत होता है। हालांकि जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस अवैध हथियार निर्माण केंद्र का संचालन कितने समय से हो रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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