बिहार

Makka Ki Kheti: बंपर मुनाफे के लिए लगाएं ये 5 हाइब्रिड किस्में, कम समय में मिलेगी रिकॉर्डतोड़ पैदावार

मक्का की ये 5 हाइब्रिड किस्में किसानों को बना देंगी मालामाल

Maize Farming: पारंपरिक खेती के मुकाबले आजकल देश के किसान नकदी फसलों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। इसमें मक्का की खेती (Maize Farming) मुनाफे का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरी है। हालांकि, मक्का की फसल से मनचाहा और बंपर उत्पादन लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम सही और उन्नत किस्मों का चयन करना होता है।

किसानों की मदद के लिए मक्का की ऐसी 5 बेहतरीन हाइब्रिड किस्मों (Hybrid Maize Varieties) की जानकारी साझा की है, जो कम समय और विपरीत मौसम में भी रिकॉर्ड तोड़ पैदावार देने की क्षमता रखती हैं। आइए जानते हैं इन टॉप किस्मों की खासियत और वैज्ञानिक खेती के कुछ जरूरी उपाय।

मक्का की 5 सबसे उन्नत हाइब्रिड किस्में (Top 5 Hybrid Maize Varieties)

1. सिंजेंटा ‘एनके 6802’ (Syngenta NK 6802)

सिंजेंटा कंपनी की ‘एनके 6802’ मक्का की एक बेहतरीन हाइब्रिड किस्म है। यह वैरायटी उन किसानों के लिए सबसे उपयुक्त है जो कम समय में अच्छी फसल चाहते हैं। यह फसल मात्र 110 से 115 दिनों के भीतर पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है। कम समय लेने के बावजूद इसके दानों की गुणवत्ता और प्रति एकड़ उत्पादन क्षमता काफी शानदार मानी जाती है।

2. श्रीकर सीड्स ‘8199’ (Shrikar 8199)

श्रीकर सीड्स की ‘8199’ किस्म अपनी मजबूती और बेहतरीन उपज के लिए जानी जाती है। इस किस्म की समयावधि मध्यम है, और यह लगभग 115 से 125 दिनों में पककर तैयार होती है। इसके भुट्टे का आकार बड़ा और दानों का भराव काफी अच्छा होता है, जिससे किसानों को बाजार में अपनी उपज का बहुत ही शानदार और सही दाम मिल जाता है।

3. हाईटेक सीड ‘5106’ (Hytech 5106)

यह किस्म भी किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो 105 से 115 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी बुवाई के लिए प्रति एकड़ 8 किलोग्राम बीज दर की आवश्यकता होती है। इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रतिकूल मौसम में भी टिकने की अद्भुत क्षमता रखती है। यह स्थिति के अनुसार प्रति एकड़ 27-28 क्विंटल से लेकर 35-40 क्विंटल तक का बंपर उत्पादन आसानी से दे सकती है।

4. एडवांटा ‘एडीवी 759’ (Advanta ADV 759)

ज्यादा उत्पादन के मामले में एडवांटा कंपनी की ‘एडीवी 759’ एक बेहतरीन किस्म है। वर्तमान समय में यह किसानों के बीच बेहद भरोसेमंद वैरायटी बन चुकी है। पकने के लिए यह फसल भी 115 से 125 दिन का समय लेती है। इसके पौधे काफी मजबूत होते हैं और भुट्टों में दाने अंत तक अच्छी तरह भरे होते हैं, जो इसे भारी पैदावार के अनुकूल बनाता है।

5. बायर डेकाल्ब ‘डीकेसी 9126’ (Bayer Dekalb DKC 9126)

बायर कंपनी की ‘डेकाल्b डीकेसी 9126’ को अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह हाइब्रिड किस्म 115 से 125 दिनों में पककर तैयार होती है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Disease Resistance) और दानों का वजन काफी शानदार होता है। यह वैरायटी उन प्रगतिशील किसानों की पहली पसंद है जो आधुनिक तकनीकों के साथ मक्का की खेती करते हैं।

मक्का की वैज्ञानिक खेती के जरूरी उपाय और टिप्स

  • सही समय पर बुवाई और पोषण: मक्का की बुवाई हमेशा सही समय पर करनी चाहिए। इसके साथ ही मिट्टी की जांच (Soil Test) के आधार पर संतुलित मात्रा में खाद और उर्वरकों का प्रयोग करें। शुरुआती अवस्था में पौधों को सही पोषण मिलने से उनकी ग्रोथ अच्छी होती है, जिससे भुट्टे बड़े और स्वस्थ बनते हैं।

  • खरपतवार और कीट नियंत्रण: फसल की सुरक्षा के लिए समय पर खरपतवार (Weeds) नियंत्रण बेहद आवश्यक है, क्योंकि ये मुख्य फसल के पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। इसके अलावा, मक्का में लगने वाले घातक कीटों से बचाव के लिए सही अंतराल पर दो से तीन बार उपयुक्त कीटनाशकों (Pesticides) का स्प्रे जरूर करें।

  • सलाह: अधिक पैदावार के लिए किसानों को हमेशा अपने क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुसार ही सही किस्म का चयन करना चाहिए। सही फसल चक्र (Crop Rotation) और सटीक सिंचाई प्रबंधन से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि खेती की लागत भी कम होती है, जिससे किसानों को अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलता है।

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Sanjeevani Desk

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